एक हजार करोड़ का एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट ‘अनलॉक’ करने की तैयारी

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

फैक्ट फाइल
- 9.5 किलोमीटर लम्बी प्रस्तावित है एलिवेटेड रोड

- 1 हजार करोड़ से अधिक की अनुमानित लागत
- 3 साल से कागजों में चल रहा प्रोजेक्ट

- 2 बार सर्वे व डीपीआर पर हुआ काम

- 3 शहरी नेशनल हाइवे को आपस में जोडेग़ी
- 70 हजार से अधिक पीसीयू यानि प्रतिदिन ट्रैफिक

------
जोधपुर।

कोरोना काल में अनलॉक हो रहे प्रदेश और विकास कार्यों की सूची में एलिवेटेड रोड भी जुड़ सकती है। कोरोनाकाल के बाद पहली बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व केंद्रीय सडक़ व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में गुरुवार को वर्चुअली उच्च स्तरीय समिति की बैठक में इस पर मंथन हुआ। यातायात प्रबंधन का अत्यंत महत्वपूर्ण एक हजार करोड़ से अधिक लागत का यह प्रोजेक्ट पिछले कई सालों से कागजों में ही घूम रहा है। पहले जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए), फिर राज्य सरकार और अब केन्द्र के पाले में इसकी गेंद है।

एलिवेटेड रोड शहर से गुजर रहे तीन राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में जोड़ेगी। इसको कागजों से निकाल कर धरातल पर लाने के लिए पिछले साल प्रयास हुए थे। जीरो टेक्निकल सर्वे हुआ, लेकिन उसकी रिपोर्ट सामने नहीं आई। यह कार्य जेडीए ने करवाया गया था। प्रदेश सरकार इस पर धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी कि केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने इसे बनवाने की घोषणा कर दी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने पूरा दारोमदार केन्द्र पर डाल दिया है। अब 9.5 किमी प्रस्तावित लम्बाई की इस रोड को केन्द्र की टीम का इंतजार है।

सीएम बोले, जल्द धरातल पर आए प्रोजेक्ट
बैठक में गहलोत ने कहा कि शहर की हार्ट लाइन मण्डोर-पावटा-सोजती गेट-जालोरी गेट-आखलिया चौराहा पर यातायात का अत्यधिक दबाव रहता है। राजस्थान रिफाइनरी का निर्माण पूरा होने से शहर के आस-पास के क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार होने से यातायात और बढ़ेगा। जोधपुर में एम्स, आइआइटी, एनआइएफडी, एनएलयू व काजरी जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान हैं। ऐसे में एलिवेटेड रोड परियोजना को जल्द धरातल पर लाना आवश्यक है। भविष्य की आवश्यकताओं, यूटिलिटी शिफ्टिंग एवं भूमि की उपलब्धता के अनुसार प्रोजेक्ट की डिजाइन एवं विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शीघ्र तैयार करवाई जानी चाहिए।

गडकरी ने कहा, काम जल्दी शुरू करवाने की कोशिश

गडकरी ने कहा कि जोधपुर की आवश्यकताओं को देखते हुए एलिवेटेड रोड परियोजना का कार्य जल्द प्रारंभ करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों की एक टीम जोधपुर का दौरा कर डिजाइन तथा साइट सलेक्शन के संबंध में अंतिम प्रस्तुतिकरण देगी। राजस्थान की अन्य सडक़ परियोजनाओं पर भी उन्होंने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय सडक़ परिवहन राज्यमंत्री वीके सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. सुखबीर सिंह संधू व अन्य मौजूद थे।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2SB8eEa
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment