जोधपुर.
भारत-चीन सीमा पर तैनात सेना का एक हवलदार परिजनों की चिंता से परेशान है। जिले के आसोप थानान्तर्गत गजसिंहपुरा के बेड़ा नगर में मकान के पास मृत मवेशी डालने से उसके माता-पिता व पत्नी का जीना बेहाल हो गया है। फौजी का कहना है कि जिला कलक्टर से लेकर पुलिस तक फरियाद के बाद भी राहत नहीं मिल रही, जबकि पुलिस का दावा है कि आसोप थाना पुलिस ने मंगलवार को पटवारी, ग्राम सेवक और सरपंच की मौजूदगी में मृत मवेशियों के लिए पृथक से व्यवस्था कराई है।
सेना की जाट रेजिमेंट में हवलदार बेड़ा नगर निवासी ऋषिराम पुत्र जगराम बेड़ा अरूणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर तैनात है। माता-पिता व पत्नी पैतृक गांव में रहते हैं। कथित राजनीतिक द्वेष के चलते काफी समय से मकान के पास मृत मवेशियों को डाला जा रहा है। इस संबंध में हवलदार ने जिला कलक्टर को लिखित शिकायत भेजी तो पुलिस ने मृत मवेशी डालने वाले के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 107 के तहत एसडीएम के समक्ष इस्तागासा पेश कर गत माह पाबंद करा दिया।
इसके बावजूद मंगलवार को एक बैल की मृत्यु होने पर शव फिर से फौजी के घर के पास डाला तो विवाद हो गया। घरवालों ने विरोध जताया तो हाथा-पाई की नौबत आ गई। थानाधिकारी शंकर कड़वा मौके पर आए। पटवारी, ग्राम सेवक, सरपंच व बीडीओ को भी बुलाया गया। समझाइश के बाद मृत मवेशी के लिए गांव के बाहर अलग स्थान पर व्यवस्था करने पर सहमति बनी।
थानाधिकारी शंकर कड़वा का कहना है कि पूर्व में मवेशियों के शव डालने वाले को पाबंद कराया गया था। अब फिर शव वहां डालने पर विवाद हुआ। पटवारी, ग्राम सेवक व सरपंच को बुलाकर दूसरी जगह पर डालने पर सहमति बनी। वहीं, बीडीओ से मृत मवेशियों के निस्तारण के लिए कार्रवाई का आग्रह किया गया।
अब बन गए मकान
पुलिस का कहना है कि वर्षों पहले गांव में मवेशियों की मृत्यु होने पर शव गांव में डाले जाते थे। अब उसके पास मकान बन गए। जिससे वहां रहने वालों को परेशानी होने लग गई।
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