गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. कोरोना की दूसरी लहर भी प्रदेश के बड़े शहरों पर ही भारी रही। इस दौरान हुई मौतों में 60 प्रतिशत छह बड़े शहरों जयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर और उदयपुर में हुई। सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज 8600 में से 5 हजार से अधिक मौतें इन छह शहरों में हुई है। इनमें से भी आधे मौतें जयपुर व जोधपुर में हुई। प्रदेश के छोटे शहरों में संक्रमण भी कम फैला और मौतें भी कम हुई।
सबसे कम बूंदी में केवल 45 मौतें
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक मार्च 2020 से अब तक सबसे कम मौतें बूंदी जिले में हुई है। यहां 45 लोगों ने कोरोना से दम तोड़ा। सर्वाधिक बीहड़ों वाले धौलपुर जिले में 48 मौतें हुई। प्रतापगढ़, दौसा, बारां और सवाई माधोपुर जैसे जिलों में भी साठ से कम मौत हुई। प्रदेश के सबसे बड़े व रेगिस्तान में सबसे पिछड़े जिले जैसमलेर में 62 लोगों की जान गई।
इन 6 जिलों में 5 हजार से अधिक मौतें
जिला ----- कोरोना से मौत
जयपुर -----1922
जोधपुर ----- 1076
उदयपुर -----684
बीकानेर ----- 507
कोटा ----- 443
अजमेर ----- 406
भरतपुर ----- 251
(आंकड़े ४ जून तक के)
इन 12 जिलों में 100 से कम मौतें
शहर ---- मौतें
बूंदी -----45
दौसा ----- 55
प्रतापगढ़ -----58
सवाई माधोपुर -----58
बारां ----- 59
जैसलमेर ----- 62
करौली -----69
जालोर ----- 72
सिरोही -----77
टोंक -----88
हनुमानगढ़ ----- 92
(बांसवाड़ा और चूरू में क्रमश: 101 और 102 मौतें हुई।)
जहां ज्यादा जनसंख्या, वहां ज्यादा संक्रमण
- कोरोना का सर्वाधिक कहर अधिक जनसंख्या और घनत्व वाले इलाकों में रहा।
- ९.६७ प्रतिशत प्रदेश की जनसंख्या जयपुर और ५.३८ प्रतिशत जोधपुर में है।
- १.६२ प्रतिशत बूंदी में, ०.९८ प्रतिशत जैसमलेर में, १.२७ प्रतिशत प्रतापगढ़ में, १.५१ प्रतिशत जनसंख्या सिरोही में
- ५९५ व्यक्ति प्रति किलोमीटर में रहते हैं जयपुर में, १६१ व्यक्ति जोधपुर, २६२ व्यक्ति उदयपुर, ३०५ व्यक्ति अजमेर, ३७४ व्यक्ति कोटा और ७८ व्यक्ति प्रति किलोमीटर है बीकानेर में
- १७ व्यक्ति प्रति किलोमीटर रहते हैं जैसलमेर में, बूंदी, बारां प्रतानगढ़ जैसे जिलों में २०० से कम व्यक्ति रहते हैं प्रति किलोमीटर में
(आंकड़े जनगणना २०११ के हैं।)
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