जोधपुर.
महामंदिर थाना पुलिस ने डाटा संबंधी कार्य करने का झांसा देने के बाद डरा-धमकाकर एक व्यक्ति से ऐंठे 45 हजार रुपए रिफण्ड करवा दिए।
थानाधिकारी लेखराज सिहाग ने बताया कि चौहाबो में सेक्टर 15 निवासी दीपेश पुत्र वीरेन्द्र माथुर के रिश्तेदार की मृत्यु हो गई थी। ऐसे में वह मिलने के लिए 14 मई को महामंदिर गया, जहां उसके मोबाइल में अज्ञात नम्बर से कॉल आया और डाटा संबंधी कार्य करने के बारे में बात की। पंजीयन व सिक्योरिटी के नाम पर 7550 रुपए गूगल-पे से ऑनलाइन जमा कराए। कुछ देर बाद उसने फिर कॉल कर 37572 रुपए और जमा कराने का आग्रह किया, लेकिन ठगी की आशंका के चलते दीपेश ने जमा कराने से इनकार कर दिया। तब ठग ने रुपए न जमा कराने पर एफआइआर दर्ज कराने की धमकी दी। इससे वह डर गया और 37572 रुपए ऑनलाइन जमा करा दिए। जिसकी शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की। कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रकाश चौधरी ने पुलिस के साइबर सम्पर्क पॉर्टल के माध्यम से ठग के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। सम्पर्क पॉर्टल के अधिकारियों से ठग के बैंक डाटा की जानकारी जुटाई।
ठग ने यूनियन बैंक के खाते में रुपए जमा कराए थे। जो बाद में फेडरल बैंक और आइडीएफसी बैंक में ट्रांसफर कर लिए थे। इस संबंध में पुलिस के आसूचना अधिकारी कांस्टेबल रमेश ने संबंधित बैंकों से सम्पर्क किया और ठग के खाते ब्लॉक करा दिए। साथ ही राशि रिफण्ड कराने के लिए संबंधित बैंकों को ई-मेल किए। जिसके फलस्वरूप 45122 रुपए पीडि़त के खाते में रिफण्ड हो गए।
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