जोधपुर. समर्थन मूल्य खरीद में पाली स्थित जैतारण क्रय-विक्रय सहकारी समिति ने घटिया क्वालिटी का 9 हजार 120 क्विंटल मूंग खरीद लिया। एक साल तक मूंग गोदाम में पड़ा-पड़ा आटे में तब्दील होता गया। अफसरों ने निविदाएं निकालकर मूंग बेचा, लेकिन 7050 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीदा गया मूंग 3865 रुपए प्रति क्विंटल के भाव बेचना पड़ा। इससे सरकार को 2.98 करोड़ का नुकसान हो गया। जैतारण के ऑडिटर की प्राथमिक जांच में दोषी पाए गए समिति के तत्कालीन व्यवस्थापक, क्रय प्रभारी और परिवहन फर्म से वसूली के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट गत 30 अप्रेल को क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी और अतिरिक्त रजिस्ट्रार को सौंपी गई।
वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य खरीद में राजफैड की ओर से जैतारण क्रय विक्रय सहकारी समिति के व्यवस्थापक पाबूराम और केंद्र क्रय प्रभारी मोहनलाल ने करीब 92 हजार 800 कट्टों की खरीद की। समर्थन मूल्य खरीद का माल हाथों-हाथ केंद्र सरकार की एजेंसी नैफेड ले लेती है। इसमें से 74 हजार कट्टे नैफेड ने ले लिए, लेकिन 18442 कट्टों (9120 क्विंटल) में निम्न क्वालिटी (नॉन फेयर एवरेज क्वालिटी) का मूंग होने से नैफेड ने लेने से इनकार कर दिया। इस मूंग के लिए राजफैड ने किसानों को 6.51 करोड़ का भुगतान किया था। मूंग गोदाम में पड़ा-पड़ा खराब होता रहा। निविदाएं करने पर गत अप्रेल में जोधपुर की कुशल इण्डस्ट्रीज ने इसे 3.52 करोड़ में खरीदा।
वेयर हाउस को चुकाया 20 लाख किराया
घटिया क्वालिटी का मूंग जोधपुर में बासनी स्थित आरएसडब्ल्यूसी के गोदाम में रखा गया। इसके लिए समिति ने वेयर हाउस को 19 लाख 91 हजार 690 रुपए किराए का भुगतान किया। जांच रिपोर्ट में इसे भी अनावश्यक खर्च मानकर दोषियों से वसूलने की अनुशंषा की गई है।
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‘हमारी प्राथमिक जांच में 2.98 करोड़ का नुकसान होना पाया है। नुकसान की जिम्मेदारी तय करने के लिए उच्चाधिकारियों से धारा-55 में जांच करने की अनुशंषा की गई है।’
- ताराचंद भाटी, व्यवस्थापक, जैतारण क्रय-विक्रय सहकारी समिति
‘दोषियों की अपील पर हमनें पाली अरबन कॉपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक को पुन: जांच सौंपी है। उनको जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है।’
- भोमाराम, अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, जोधपुर
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