जोधपुर।
देश की अग्रणी फसल ईसब की फसल इस बार आंधी-तुफान से प्रभावित हुई है। इसका असर उत्पादन पर देखने को मिलेगा। इस बार ईसब की बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ी, लेकिन कटाई के समय प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों जैसलमेर-बीकानेर में आंधी-तुफान व मार्च माह में बढ़ते तापमान ने इस बार ईसब की फ सल में उतार-चढ़ाव दिखाए। जहां इस बार फ सल का उत्पादन देश के सभी व्यापारी मिलर्स द्वारा 25 लाख बोरी से ज्यादा का अनुमान लगाया गया लेकिन मौसम और तापमान की वजह से फ सल 21 लाख बोरी होने का ही अनुमान है।
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प्रतिदिन आ रही 800-1000 बोरी
इस बार भी लॉकडाउन के कारण मंडिय़ों में ईसब की आवक कम हुई लेकिन सीधी मिलों की खरीद के कारण से किसानों का माल बिक्री हुआ है। जीरा मंडी में खुली बोली नीलामी से व्यापार कार्य बंद है लेकिन वर्तमान में प्रतिदिन करीब 800-1000 बोरी ईसब प्रतिदिन आ रही है। --10500 से 11300 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रही पिछले वर्ष का स्टॉक निल होने के कारण जब नई फ सल बाजार में आई उस समय ईसब के भाव करीब 10 हजार रुपया प्रति क्विंटल चल रहे थे। फ सल अनुमान ज्यादा होने के कारण 9 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक बिकी लेकिन अब फ सल की वास्तविक स्थिति सामने आने पर मंडियों में ईसब 10500 से 11300 रुपए तक बिक रही है।
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मौसम से ईसब की फसल प्रभावित हुई है, इस वजह से देश में ईसब का उत्पादन 21 लाख बोरी होने का अनुमान है। ईसब में आगे अच्छे व्यापार की उम्मीद है।
पुरुषोत्तम मूंदड़ा, अध्यक्ष
जीरा मंडी व्यापार संघ जोधपुर
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