NAND KISHORE SARASWAT
जोधपुर. इस बार 20 जुलाई को देवशयन एकादशी व चातुर्मास शुरू होने से मांगलिक कार्यक्रम पर भी ग्रहों का लॉकडाउन लग जाएगा। शुभ ग्रहों के अस्त रहने पर विवाह अनुष्ठान रुक जाते हैं और उदय होने पर विवाह आरंभ होते हैं। अब जुलाई में केवल 5 दिन ही विवाह मुहूर्त हैं। देवशयन और चातुर्मास के कारण 15 नवंबर को देवउठनी एकादशी तक इंतजार करना होगा। उसके बाद भी 13 दिसंबर तक विवाह के लिए सिर्फ 13 मुहूर्त ही मिलेंगे।
अब 2021 में विवाह के शुभ मुहूर्त
जुलाई - 1, 2, 7, 13 और 15
नवंबर - 15, 16, 20, 21, 28, 29 और 30
दिसंबर - 1, 2, 6, 7, 11 और 13
खरीदारी में कोई अड़चन नहीं
घर में कोई नई चीज खरीदकर लाना हो, या वाहन खरीदना होगा, गृह प्रवेश हो, प्रॉपर्टी में निवेश आदि के लिए शुभ मुहूर्त देखे जाते हैं। इस बार जुलाई से दिसंबर तक अब 56 शुभ मुहूर्त हैं। इनमें खरीदारी, लेन-देन और नए कामों की शुरुआत की जा सकती है। इन मुहूर्त में सर्वार्थसिद्धि अमृतसिद्धि, त्रिपुष्कर, द्विपुष्कर, रवि और गुरुपुष्य जैसे बडे शुभ योग शामिल हैं। जुलाई में 9, अगस्त में 12, दिसंबर में 8 शुभ मुहूर्त रहेंगे। वहीं, अक्टूबर और नवंबर में 7-7 दिन ये शुभ योग रहेंगे। शुभ कार्यों के लिए जुलाई महीने में 8 दिन मिलेंगे।
अगस्त, सितम्बर व अक्टूबर में विवाह मुहूर्त नहीं
किसी भी तरह का शुभ कार्य 1 जुलाई, 2 जुलाई, 7 जुलाई, 11 जुलाई, 13 जुलाई, 15 जुलाई, 18 जुलाई और 19 जुलाई को कर सकते हैं। वहीं शादी-ब्याह के लिए केवल 5 दिन 1, 2, 7, 13 और 15 जुलाई शुभ मुहूर्त माने गए है। अगस्त, सितम्बर व अक्टूबर में विवाह के लिए कोई भी शुभ तिथि नहीं हैं। तीन माह के लंबे अंतराल के बाद विवाह के लिए नवम्बर में 15, 16, 20, 21, 28, 29 और 30 नवंबर शुभ मुहूर्त माने गए है। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि जुलाई में देवशयन होने के बाद 15 नवंबर को देवउठनी एकादशी से सावों का सीजन फिर शुरू होगा।
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