इस साल ‘नौतपा’ सफल, मानसून में होगा मददगार

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जोधपुर. नौतपा से प्रदेश के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में अब भीषण गर्मी शुरू हो गई है। शुक्रवार को श्रीगंगानगर में पारा 47.3 डिग्री पर पहुंच गया। चूरू 46.6, बीकानेर 46.4, जैसलमेर 44.6, बाड़मेर 43.5 और जोधपुर 42.4 पर तपा। नौतपा सफल रहने पर अब मानसूनी हवाओं को मजबूती मिलेगी। मानसून की बंगाल की खाड़ी की शाखा तेजी से थार मरुस्थल की तरफ खींची चली आएगी। इससे अच्छी बारिश की भी उम्मीद है।

नौतपा ज्योतिष विज्ञान की देन है। इसके तहत सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और नौ दिनों तक तेज गर्मी रहती है। इस बार नौतपा 25 मई को शुरू हुआ है और चौथे दिन आसमां से आग बरसने लग गई है। मौसम विज्ञान में नौतपा शब्दावली नहीं है, लेकिन विज्ञान के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप के थार प्रदेश में मई के अंतिम दिनों में तेज गर्मी पड़ती है तो मानसूनी हवाओं को बूस्ट मिलता है। भीषण गर्मी के कारण थार पर कम दबाव का क्षेत्र कायम हो जाता है। हवाएं गर्म होकर ऊपर उठ जाती है। देश के दूसरे हिस्से में अपेक्षाकृत कम तापमान होने से उच्च दबाव का क्षेत्र रहता है। वायु उच्च दबाव से कम दबाव की ओर प्रवाहित होती है। ऐसे में इस बार का नौतपा अभी तक सफल रहा है।

30 व 1 जून को पश्चिमी विक्षोभ, आंधी-बरसात की संभावना
तीस मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बीकानेर, जोधपुर, जयपुर व भरतपुर संभाग के जिलों में दोपहर के बाद थंडरस्टॉर्म, अचानक तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। बीकानेर और जोधपुर संभाग के जिलों में आगामी दो-तीन दिन अपेक्षाकृत तेज धूल भरी हवाएं चलेगी। जयोतिष विज्ञान के अनुसार भी नौतपा के अंत में आंधी-बरसात का मौसम होता है।

तौकते और यास ने भी मानसून को दिया धक्का
अरब सागर में आए चक्रवाती तूफान तौकते और बंगाल की खाड़ी में उठे तूफान यास से भी मानसून को गति मिली है। तौकते के खत्म होने के साथ ही मानसून अण्डमान पर ऑनसेट हो गया था। अब यास खत्म होने को है और इसी के साथ मानसून मुख्य भारतीय भूमि में प्रवेश के लिए तैयार है।

2 दिन बाद केरल में मानसून का विस्फोट
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार केरल में प्रवेश के लिए दक्षिणी-पश्चिमी मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई है। संभवत: 31 मई को मानसून केरल पर ऑनसेट होगा। केरल में मानसून के प्रवेश के साथ बादलों की भयंकर गर्जना और तूफानी बारिश होती है इसलिए इसे मानसून का विस्फोट भी कहते हैं। यहां से दक्षिण-पश्चिमी मानसून दो शाखाओं अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में विभक्त हो जाएगा।

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‘मौसम विज्ञान में नौतपा शब्दावली नहीं है लेकिन मौसम विज्ञान के अनुसार मई के अंत में तेज गर्मी पडऩे से मानसून को बूस्ट मिलता है।’
-आरएस शर्मा, निदेशक, भारतीय मौसम विभाग जयपुर केंद्र



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