जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग और स्वतंत्रता सेनानी चौधरी ताराचंद शिक्षा विकास सहकारी समिति झुंझनू के संयुक्त तत्वाधान में ‘भारत में किसान आंदोलन: स्वतंत्रता से पूर्व एवं पश्चात’ विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो ब्रजकिशोर शर्मा ने स्वतंत्रता से पूर्व भारत में हुए किसान आंदोलनों मुख्यत: गांधीजी द्वारा चलाए गए चंपारण, खेड़ा आदि आंदोलन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को अहिंसात्मक सिद्धांत पर चलाने का श्रेय महात्मा गांधी को ही जाता है। प्रो शर्मा ने स्वतंत्रता से पूर्व राजस्थान में चलाए गए बिजोलिया, शेखावाटी, मारवाड ़आदि किसान आंदोलनों का वर्णन भी किया एवं तत्कालीन समय में किसानों द्वारा गीतों के माध्यम से फैलाए गए जनजागरण का भी जिक्र किया।
वेबिनार को जेएनवीयू कु लपति प्रो पीसी त्रिवेदी, वनस्थली विद्यापीठ के प्रो पेमाराम, जेएनवीयू कला संकाय डीन प्रोफेसर किशोरीलाल रेगर, इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो सुशीला शक्तावत, डॉ प्रतिभा सांखला, सहकारी समिति अध्यक्ष कामराज कुल्हार और ताराचंद जी के पुत्र ओम प्रकाश बलवदा ने भी अपना उद्बोधन प्रस्तुत किया। संगोष्ठी संयोजक डॉ भरत देवड़ा और देवेंद्र कुल्हार द्वारा लिखित पुस्तक ‘शेखावाटी किसान आंदोलन एवं स्वतंत्रता सेनानी चौधरी ताराचंद झारोड़ा’का भी ऑनलाइन विमोचन किया गया।
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