जोधपुर. मथुरादास माथुर अस्पताल में कार्यरत लैब टेक्निशियन सुरक्षा भाटी पिछले एक साल से कोरोना डयूटी कर रही है। दो बेटियों की मां सुरक्षा की एक बेटी की शादी हो चुकी है और दूसरी 12वीं अध्ययनरत है। पति विजय सिंह भाटी का देहांत हो गया था। वर्तमान में एमडीएम अस्पताल के सैंपल कलेक्शन सेंटर पर उनकी ड्यूटी लगी हुई है। सुरक्षा बताती है कि डेढ़ महीने पहले ड्यूटी के दौरान उनकी बेटी दिव्यांशी बीमार हो गई थी। अकेली बेटी को घर पर छोडकर ड्यूटी पर आने का मन नहीं हुआ, फिर भी भारी मन से अस्पताल पहुंची। उस समय मरीजों के नाक व गले से नमूने लेते समय आंखों में आंसू आ गए। सोच रही थी कि कहीं बेटी को कोविड तो नहीं हो गया। बडी बेटी महिमा ने ससुराल से आकर दिव्यांशी की देखभाल की, तब अस्पताल में पूरी ड्यूटी दे पाई। दो दिन बेटी को सुरक्षा ने स्वयं ही इलाज किया तो तीसरे दिन कोविड टेस्ट की नौबत ही नहीं आई। तब जाकर जान में जान आई। सुरक्षा ने बताया कि पिछले साल ईरान से एयरलिफ्ट करके जैसलमेर लाए गए भारतीयों के नमूने लेने के लिए भी वह जैसलमेर थी। कड़ी ड्यूटी करने के बावजूद वह खुश है।
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