जोधपुर. कोरोना महामारी में सरकार की ओर से उद्योग संचालन की छूट दी गई, लेकिन उद्योगों को मिली छूट का दुरुपयोग किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में कई टेक्सटाइल इकाइयां एेसी है जो अवैध तरीके से टेक्सटाइल धुलाई का पानी रीको नाले में छोड़ रहे हैं। इकाई संचालकों को लॉकडाउन की वजह से न तो जांच का डर है और न ही कार्रवाई का भय। एेसे में धड़ल्ले से केमिकलयुक्त पानी छोड़ा जा रहा है। जो जोजरी नदी व जमीन में प्रदूषण फैला रही है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सख्त आदेशों व फटकार के बाद सरकार ने टेक्सटाइल इकाइयों से कॉन्ड्यूक्ट पाइप लाइन (बंद पाइप लाइप) के माध्यम से निर्धारित मात्रा में पानी निकासी की अनुमति दी, जो जोधपुर प्रदूषण निवारण ट्रस्ट (जेपीएनटी) के ट्रीटमेंट प्लांट पर पहुंच ट्रीट होता है। इसके बावजूद भी कई इकाइयां कॉन्ड्यूक्ट पाइप लाइन से पानी का निस्तारण नहीं कर रही है और रीको नाले से लगातार पानी छोड़ रही है।
जयपुर मुख्यालय से मिली सूचना
बासनी सैकेण्ड फेज में एसके टेक्सटाइल्स इकाई में लंबे समय से नियमों को धत्ता बताते हुए अवैध तरीके से केमिकलयुक्त पानी रीको नाले से डिस्चार्ज किया जा रहा था। इसकी जानकारी राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के मुख्यालय जयपुर भी भेजी गई। मुख्यालय से मण्डल के सदस्य सचिव ने जोधपुर कार्यालय को कार्यवाही के आदेश दिए। इस पर मण्डल की जोधपुर टीम ने कार्रवाई की, जिसमें भारी अनियमितताएं पाई गई व बड़ी मात्रा में केमिकलयुक्त पानी रीको नाले में डिस्चार्ज करना पाया गया। वहीं इकाई में निर्धारित पानी निस्तारण का फ्लो मीटर व अन्य मशीनरी खराब थी।
जेपीनएनटी ने दिया नोटिस
जेपीएनटी पदाधिकारियों ने टेक्सटाइल इकाई संचालक को नोटिस दिया और इकाई से जेपीएनटी ट्रीटमेंट प्लांट जाने वाले पानी के आउटलेट का कनेक्टशन काट दिया।
इकाई लंबे से नियमों को धत्ता बताकर संचालित की जा रही थी व बड़ी मात्रा में केमिकलयुक्त पानी रीको नाले में छोड़ा जा रहा था। मौका मुआयना के बाद आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी गई है। विभाग की ओर से अब एेसी कार्यवाहियों को और गति दी जाएगी।
अमित शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल जोधपुर।
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