जोधपुर. वनविभाग की ओर से जिले के वन्यजीव बहुल क्षेत्रों के प्रमुख जलबिन्दू केन्द्रों पर वैशाखी पूर्णिमा को होने वाली ग्रीष्मकालीन वन्यजीव गणना कार्यक्रम पर चक्रवाती तूफान 'तौकतेÓ के कारण हुई अच्छी बारिश से पानी फिर सकता है। हर साल वन्यजीव गणना के आधार पर ही वन विभाग वन्यजीवों की सार संभाल के लिए कार्ययोजना तैयार करता है। जिले की सभी वन्यजीव चौकियों के प्रभारियों और वनकर्मी गणक दलों को इस बार 26 मई को होने वाली गणना के लिए तैयारियां करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के बाद कुछ दिनों तक के लिए मुख्य जलबिन्दू केन्द्रों के आसपास की जगहों में पानी की उपलब्धता होने के कारण वाटर पॉइंट पर वन्यजीवों का आना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में प्रमुख जलबिन्दू केन्द्रों पर वन्यजीवों की गणना करने का कोई औचित्य ही नहीं है। हालांकि वनविभाग के अधिकारियों ने 24 मई को वन्यजीव गणना से पूर्व की तैयारियों को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंस को स्थगित कर दिया गया है।
पिछली बार लॉकडाउन के कारण हुई थी स्थगित
पिछले साल कोरोना लॉकडाउन में पुलिसकर्मियों के साथ वनकर्मियों को विभिन्न क्षेत्रों में ड्यूटी पर तैनात किए जाने से वन्यजीव मंडल के अलावा प्रादेशिक वन मंडल की ओर से जिले के नौ रेंज में वाटर पॉइंट पर वन्यजीवों की गणना कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया था
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