फलोदी (जोधपुर). कहते है जहां चाह, वहां राह भी मिल ही जाती है, चार साल पहले धरती का पौधों से श्रृंगार करने की मुहिम शुरु हुई जो अब फलीभूत होती नजर आ रही है।
एक व्यक्ति से शुरु हुआ पौधरोपण का कारवां 150 तक पहुंच गया। सभी नेे मेहनत के दम पर बंजर, पथरीली व विरान जमीन पर 900 से अधिक पौधों को सींचकर वातावरण को हराभरा बना दिया है। जिस रास्ते पर वृक्षमित्रों के पेड़ लहलहा रहे है, वहां भरपूत मात्रा में ऑक्सीजन के साथ शीतल छांव मिल रही है और पक्षियों की कलरव से सुकून का वातावरण बन गया है।
इन किस्मों के लहलहा रहे पेड़
टीम ने पीपल, बड़, नीम, खेजड़ी, अर्जुन, गुल्लर, सहजन, परिजात, पलाश, जामुन, बिल्वपत्र, आम, सहतूत, खारी, बादाम, नारियल, मीठा नीम, नीम्बू, मौसम्बी, हार सिंगार, सरेश आदि के पौध रोपित किए थे। जो अब पेड़ के रूप में नजर आ रहे है। इनमें अधिकतर पेड़ औषधीय उपयोग के होने से मानव जीवन के लिए भी उपयोगी है।
कहां कितने पेड़
स्थान पेड़ों की संख्या
ब्रह्मबाग-श्मशान रोड 115
शिवसर सरोवर के आस-पास चार खण्डों में 500
आदर्श विद्या मंदिर, फलोदी 140
मलार गोशाला 40
रोडवेज बस स्टेण्ड, फलोदी 20
मलार रोड 45
टैक्सी स्टेण्ड 40
कुल 900
यह सुधार रहे धरती की सेहत
फलोदी की धरती की सेहत में सुधार के लिए वृक्षमित्र पार्षद रमेश थानवी, दिलीप व्यास संकल्प, बृजमोहन बोहरा, रामदयाल थावनी, जगदीश गज्जा, राजेश बोहरा, सचिन पुरोहित, ललसा, राजा टरु, मोतीलाल चाण्डा नासिक, हर्ष थानवी, विनोद छंगाणी सहित 150 से अधिक वृक्ष मित्र ड्रिप से व तालाब से घड़े व बाल्टियां भरकर पौधों को सींचने में जुटे है।
ऐसे कर रहे प्रेरित
वृक्ष मित्र सदस्य पौधरोपण के लिए आमजन को जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, पुण्यतिथि पर पौधरोपण करने के लिए प्रेरित कर रहे है।
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