पीपाड़सिटी (जोधपुर). शहरी क्षेत्र में सोमवार को लॉकडाउन के बावजूद बाजारों में खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की, कुछ लोगों को यह नागवार गुजरी। कुछ नेताजी अधिकारियों से ही उलझ गए। हालांकि बाद में उनसे समझाइश की गई कि इस भयावह दौर में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी अधिक है।
सोमवार को बाजारों में भीड़ की सूचना पर इंसीडेंट कमांडर शैतानसिंह राजपुरोहित, पुलिस उपाधीक्षक गजेन्द्रसिंह,पालिका अधिशासी अधिकारी सुरेशचंद्र शर्मा, थानाधिकारी बाबूलाल राणा सहित प्रवर्तन दल के सदस्य मालीमेला रोड पर पहुंचे तथा सोशल डिस्टेंस के उल्लंघन को देखते हुए दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया। इस पर कई व्यापारी अधिकारियों से उलझने लगे।
नेता भड़के
कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष इस्माइल खान सिंधी ने सुभाष घाट पर प्रशासन की ओर से निर्धारित समय से पहले दुकानों को बंद कराने का आरोप जड़ा। कई पार्षद भी दुकानें बंद कराने के साथ फलों के हाथ ठेले जब्त किए जाने से खिन्न दिखे। ये मामला पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ के समक्ष भी अस्पताल परिसर में कुछ लोगों ने उठाया, हालांकि उन्होंने आपसी समझाइश पर जोर दिया।
दुकानें सीज
इंसीडेंट कमांडर के नेतृत्व में पालिका एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने शहीदों का चौक, सदर बाजार, सब्जी मंडी, केके मार्केट, मुंदड़ा सर्किल, सुभाष घाट, गोल प्याउ, कोट बाजार, अस्पताल चौक आदि क्षेत्र का निरीक्षण किया तो तीन दुकाने ं गौरी क्लोथ स्टोर, श्री राम रेडीमेन्ट स्टोर, केशव रेडीमेन्ट खुली मिली, जिन्हें सीज किया। अ वहाब की दुकान से हाथ ठेला व ज्योति किराणा स्टोर से दो टेबल भी जब्त की गई।
आरोप-प्रत्यारोप शुरू
शहर में प्रशासन व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने को लेकर भाजपा ने निशाना साधा। पूर्व पालिकाध्यक्ष महेंद्रसिंह कच्छवाह, युवा मोर्चा के सुरेंद्र टाक ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध कर कुछ कांग्रेसी नेता सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं, जो गलत है।
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