कन्यादान में ग्यारह सौ पौधों का पिता ने किया दान

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जयकुमार भाटी/जोधपुर. कोरोना महामारी से इस बार अक्षय तृतीया के अवसर पर अबूझ सावों में शादियों की रौनक फीकी रही। वहीं जोधपुर के चौपासनी बाईपास स्थित गोपालबाड़ी में एक विवाह ऐसा हुआ जिसमें दूल्हा सहित पांच बाराती आए तो दुल्हन के घर छह घराती दिखाई दिए। कोरोना गाइडलाइन की पालना करते हुए आयोजित इस विवाह समारोह में ना बैंड-बाजा था और ना ही स्टैज।

गोपालबाड़ी निवासी आरती-दिनेश जोशी की पुत्री अक्षरा का विवाह नांदडी रोड़ निवासी भगवती प्रसाद के पुत्र राकेश शर्मा के साथ शुक्रवार रात को सम्पन्न हुआ। विवाह समारोह में दूल्हा-दुल्हन सहित ग्यारह लोग उपस्थित रहें। ऐसे में दुल्हन के पिता दिनेश जोशी ने जोधपुर के पूर्व संभागीय आयुक्त समित शर्मा से प्रेरित होकर अनूठी पहल करते हुए कन्यादान में अपनी पुत्री को ग्यारह सौ पीपल व नीम के पौधें दिये। वहीं मंडप में दूल्हा व दुल्हन ने भी पीपल व नीम के पौधे के साथ इन्हें शहर के विभिन्न जगहों पर लगाने का संकल्प भी लिया। दिनेश जोशी ने बताया कि बेटी का विवाह बड़े धूम-धाम से करने की सोची थी। लेकिन कोरोना की वजह से सब कुछ निरस्त करना पड़ा।

ऐसे में ऑक्सीजन के अभाव में मरीजों के तड़पने की खबरें पत्रिका में पढक़र विचार आया कि क्यों ना अपनी बेटी की शादी में पीपल व नीम के पौधे ही कन्यादान में दे दिए जाए। जिससे प्राकृतिक ऑक्सीजन लोगों को मिल सकेंगी। मेरी इस पहल का आईएएस की तैयारी कर रही मेरी बेटी अक्षरा ने भी समर्थन किया और शादी में फिजूल खर्च ना कर पेड़ लगाने का निर्णय लिया।

दिनेश जोशी की सोच से रीट की तैयारी कर रहे उनके जवांई राकेश शर्मा व समधी भगवती प्रसाद भी प्रेरित हुए और आशीर्वाद समारोह की बजाय शहर में ग्यारह सौ पेड़ अपनी ओर से लगाने का निर्णय लिया हैं। इस विवाह समारोह में गिरजा जोशी, तपस्या जोशी, महेंद्र, मनोज, अजय शर्मा व गोविंद शर्मा भी उपस्थित रहें।



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