जोधपुर.
बासनी थानान्तर्गत सांगरिया के अमरावती नगर में गेहूं की आड़ में किराए का गोदाम 2-3 माह से चल रहा था। गोदाम में आगे गेहूं की बोरियां भरी थी। जबकि एक बंद कमरे में डोडा पोस्त छुपाया जाता था। गिरफ्त में आने वाला आरोपी गोदाम मालिक को बीस हजार रुपए प्रति माह किराया दे रहा था।
पुलिस के अनुसार देचू थानान्तर्गत खींयासरिया गांव निवासी दुर्गसिंह राठौड़ को महावीर नगर स्थित मकान से अफीम के दो किलो दूध के साथ गिरफ्तार किया गया था। उससे 3.40 लाख रुपए भी जब्त किए गए थे। उससे पूछताछ में सांगरिया के अमरावती नगर में किराए के गोदाम में मादक पदार्थ छुपा होने का पता लगा था, जहां से 1672 किलो डोडा पोस्त जब्त किया गया था। प्रारम्भिक जांच में सामने आया कि उसने दो-महीने से गोदाम किराए पर ले रखा था, जहां डोडा पोस्त का स्टॉक किया जाता था, जहां से आगे सप्लाई होता था। इस तस्करी में उसका एक साझेदार भी था। साझेदार के साथ ही दुर्गसिंह भी कोरोना संक्रमित हो गया था। साझेदार की मृत्यु हो गई थी। जबकि वह स्वस्थ्य है।
फिलहाल दुर्गसिंह अफीम के दो किलो दूध के मामले में दो दिन रिमाण्ड पर है। इसके बाद उसे 1672 किलो डोडा पोस्त के मामले में गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस गोदाम मालिक की भूमिका के बारे में भी जांच करेगी। किरायानामा न होने पर मालिक की भूमिका भी संदेह के दायरे में आ सकती है।
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