जोधपुर।
केन्द्र सरकार ने कोरोना काल में खरीफ बुवाई से पहले उर्वरक सब्सिडी में बढ़ोतरी कर देश के किसानों को बड़ी राहत दी है। डायमोनियम फ ॉस्फेट (डीएपी) सहित सभी रासायनिक उर्वरकों के कच्चे माल की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ी कीमतों के कारण उर्वरक निर्माता कंपनियों ने डीएपी व एनपीके के दामों में भारी बढ़ोतरी कर दी थी। सहकारी क्षेत्र की उर्वरक निर्माण कंपनी इफ को ने डीएपी के दाम 1200 से 1900 व एनपीके के दाम 1185 से 1800 प्रति बोरी कर दिए थे। इससे खरीफ बिजाई से पहले किसानों पर बड़ा अतिरिक्त आर्थिक भार आने की आशंका उत्पन्न हो गई थी। 19 मई को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में डायमोनियम फ ॉस्फेट पर प्रति 50 किलो 700 रुपए अनुदान बढ़ाने का निर्णय लिया गया, जिससे किसानों के लिए डीएपी की बोरी के दाम 1900 रुपए प्रति बोरी से कम होकर पुरानी दर 1200 रुपए प्रति बोरी पर आ गए। इस दौरान एनपीके व एसएसपी पर भी अनुदान बढ़ाया गया जिससे रासायनिक उर्वरकों की बढ़ी कीमतों का सम्पूर्ण आर्थिक भार केन्द्र सरकार ने अपने ऊपर लेकर किसानों को पूरी तरह राहत दी ।
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उर्वरक व रसायन मंत्रालय का नोटिफि केशन जारी
डीएपी पर अनुदान बढ़ाने के निर्णय के सबंध में भारत सरकार के रसायन व उर्वरक मंत्रालय की ओर से नोटिफि केशन जारी हो गया है। जो 20 मई से प्रभावी हो गया है, अब किसानों को 50 किलो डीएपी की बोरी 1200 रुपए में ही उपलब्ध होगी।
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अनुदान रुपए प्रति मीट्रिक टन
खाद बढ़ाने के बाद अनुदान
- डीएपी -- 24231
- एनपीके (10:26:26) -- 16293
- एनपीके (15:15:15) -- 11134
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केन्द्र सरकार ने सभी रासायनिक उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी के बराबर उर्वरक अनुदान में बढ़ोतरी करके देश के किसानों को बड़ी राहत दी है। इससे खरीफ फ सल बुवाई के लिए किसानों को पर्याप्त खाद पुरानी कीमतों पर मिल सकेगी।
तुलछाराम सिंवर,प्रांत प्रचार प्रमुख
भारतीय किसान संघ जोधपुर प्रान्त
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