जोधपुर.
भीलवाड़ा पुलिस ने तस्करों की फायरिंग में दो कांस्टेबल की हत्या के मामले में एक आरोपी को गुजरात के बड़ोदरा से गिरफ्तार किया। वह जोधपुर में एक हत्याकाण्ड में तीन साल से फरार था। उसे जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट की डीएसटी की सूचना पर पकड़ा गया। अब तक पांच कांस्टेबल सहित 12 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
भीलवाड़ा के पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि गत 10 अप्रेल की रात तस्करों की फायरिंग में कांस्टेबल ऊंकार रायका व पवन कुमार की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मूलत: बाड़मेर में सिवाणा हाल जोधपुर में भगत की कोठी निवासी यशवंतसिंह भायल उर्फ बंटी पुत्र पदमसिंह को बड़ोदरा में एक फैक्ट्री के बाहर से गिरफ्तार किया गया। अब राजू फौजी, पाबू गोरछिया, रमेश भाणिया व प्रकाश खावा की गिरफ्तारी बाकी है।
दोस्त को पकड़ा तो बड़ोदरा में छुपे होने के मिले सुराग
यशवंतसिंह को पकडऩे के लिए जोधपुर पुलिस को जिम्मा सौंपा गया था। इस बीच, गत दिनों उसके बालोतरा में पादरू गांव में मित्र के घर छुपे होने की सूचना मिली। डीएसटी के एसआइ दिनेश, एएसआइ जमशेद खान, कांस्टेबल अकरम, अविनाश, देवाराम व ओमाराम ने मित्र के घर दबिश दी, लेकिन वह भाग गया। पुलिस मित्र को पकड़कर जोधपुर लाई व सख्त पूछताछ की। तब उसने बड़ोदरा में जगदीश के पास होने के सुराग दिए। भीलवाड़ा पुलिस ने बड़ोदरा में जगदीश, महेन्द्र व बजरंग के यहां दबिशें दी। फिर उसे एक फैक्ट्री के बाहर से पकड़ा गया।
अपहरण के बाद हत्या का वीडियो किया था वायरल
तीन साल पहले जोधपुर में मसूरिया नट बस्ती के बाहर से बाड़मेर के हरीश जाखड़ का अपहरण कर लिया गया था और फिर हत्या कर बाड़मेर में शव फेंक दिया गया था। आरोपियों ने हत्या का वीडियो बनाकर वायरल किया था। इस बहुचर्चित मामले में यशवंतसिंह फरार था।
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