जोधपुर.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पाली जिले की रायपुर पंचायत समिति के प्रतापगढ़ गांव के सरपंच व दो बिचौलियों को 1.35 लाख रुपए में से प्रथम किस्त के अस्सी हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में शनिवार को गिरफ्तार किया। आरोपी सरपंच ने भूखण्ड पर निर्माण कार्य व भूमि को आबादी में रूपांतरण करने की एवज में 1.50 लाख रुपए मांगे थे।
एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ विष्णुकांत के अनुसार रायपुर पंचायत समिति में आम्बा गांव निवासी कालूराम पुत्र नाथूराम गुर्जर व उसके भाई सोहनलाल की शिकायत पर ग्राम पंचायत प्रतापगढ़ के सरपंच चढ़ावतों की ढाणी निवासी गुलाबसिंह पुत्र बुद्धासिंह रावत और बतौर मध्यस्थ नाहरपुरा निवासी महेन्द्रसिंह पुत्र खुमसिंह रावत व सोनूसिंह पुत्र रतनसिंह रावत को 80 हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया। सोनूसिंह की पेंट की जेब से 80 हजार रुपए बरामद किए गए। बाद में एसीबी तीनों आरोपियों को नजदीक स्थित ब्यावर ले गई, जहां पूछताछ की जा रही है।
सत्यापन : 1.50 लाख रुपए मांगे, 1.35 लाख लेना तय
कालूराम व सोहनलाल का गांव में मकान निर्माण कार्य चल रहा है। यह काम निर्बाध संचालित होने व भूमि को आबादी में रूपांतरित करने की एवज में सरपंच ने 1.50 लाख रुपए मांगे थे। दोनों भाइयों ने एसीबी से शिकायत की। 19 मई को गोपनीय सत्यापन कराया गया तो सरपंच के 1.50 लाख रुपए मांगने और फिर 1.35 लाख रुपए तय करने की पुष्टि हुई। इस बीच, शुक्रवार को सरपंच ने अपने परिचित महेन्द्रसिंह को यह रिश्वत देने को कहा। दोनों भाइयों ने शनिवार को महेन्द्र व उसके साथ आए सोनूसिंह को प्रथम किस्त के 80 हजार रुपए दिए। इशारा मिलते ही एसीबी की पाली चौकी प्रभारी व एएसपी नरपतचन्द्र के नेतृत्व में एसीबी ने दबिश देकर महेन्द्रसिंह व सोनू को पकड़ लिया। फिर सरपंच को भी हिरासत में लिया गया।
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