जोधपुर।
कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में लागू जन अनुशासन पखवाड़ा शुरू होने के साथ ही प्रदेश भर में रोडवेज बसों के संचालन पर रोक लग गई। रोडवेज बसों के पहिए थम जाने से जोधपुर डिपो को पिछले करीब 20 दिनों में 1.50 करोड़ से ज्यादा का घाटा हुआ है। पहले से ही घाटे में चल रहे रोडवेज के घाटे में बसों का संचालन बंद होने से घाटे में और बढ़ोतरी हुई है। लॉकडाउन से पहले रोडवेज जोधपुर डिपो अनुमानित 10 से 12 लाख रुपए प्रतिदिन आय अर्जित कर लेता था।
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जोधपुर डिपो में 115 बसें
रोडवेज जोधपुर डिपो के महाप्रबंधक कुलदीप शर्मा के अनुसार रोडवेज जोधपुर आगार में 115 बसों का नेटवर्क है। इसमें 15 बसें तो पहले से ही चालक का अभाव होने से रोड पर नहीं चल रही थी। वहीं बाकी रही 100 बसें लॉकडाउन से पहले चल रही थी। बसों का संचालन बंद होने से बसें भदवासिया रोडवेज डिपो व पुरानी पावटा सब्जी मंडी परिसर में खड़ी है। जिसकी रखवाली के लिए रोडवेज प्रशासन ने अलग से कर्मचारी लगा रखे है। बसों का संचालन प्रदेश के विभिन्न शहरों, गांवों, कस्बों के साथ दूसरे प्रदेशों में भी अनुबंधित बसों का संचालन रोडवेज की ओर से किया जा रहा था।
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