ओपीडी में हर दूसरे बच्चे में कोविड के लक्षण, 2 दिन में ही हो रहे ठीक

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जोधपुर. कोरोना की पहली लहर बच्चों को छू तक नहीं पाई थी लेकिन दूसरी लहर बुजुर्गों, युवाओं से होते हुए बच्चों तक पहुंच रही है। शहर के विभिन्न शिशु रोग विशेषज्ञों और सरकारी व निजी अस्पताल की ओपीडी में हर दूसरे बच्चे में कोविड-19 के लक्षण दिखाई दे रहे हैं और जांच में वे पॉजिटिव भी मिल रहे हैं। फिलहाल अच्छी बात यह है कि बच्चे दो-तीन दिन में ओपीडी में ही दवाइयां लिखने से ठीक हो रहे हैं। बच्चों में कोरोना अधिक घातक नहीं हो रहा है और न ही उनमें ऑक्सीजन की कमी हो रही है। ऐसे में बहुत कम बच्चों को भर्ती करना पड़ा है। शहर में अब तक करीब 30 बच्चों को ही एम्स, एमडीएम अस्पताल की जनाना विंग, उम्मेद अस्पताल और एक दर्जन से अधिक विभिन्न निजी अस्पतालों में भर्ती करने की जरुरत पड़ी, लेकिन ये बच्चे भी दो दिन में ही स्वस्थ होकर घर लौट गए। उधर विशेषज्ञों द्वारा तीसरी लहर में बच्चों के चपेट में आने की आशंका जताने के बाद डॉक्टरों ने अभिभावकों को सावधान रहने की सलाह दी है।

घरवाले पॉजिटिव, टेस्ट में बच्चे भी पॉजिटिव
अब तक जितने भी बच्चे कोविड-19 पॉजिटिव मिले हैं, उसमें से 70 फीसदी से अधिक बच्चे ऐसे थे, जिनके घर में माता-पिता अथवा दादा-दादी में से कोई पॉजिटिव था। शेष किशोर बच्चों (टीनिएज) ने अपने दोस्तों के साथ एक-दूसरे को वायरस का आदान-प्रदान किया। किशोर बच्चे या तो मास्क लगाते नहीं है। लगा भी रहे हैं तो उनकी नाक खुली रहती है।

बुखार, खांसी व डायरिया
ओपीडी में आ रहे बच्चों में बुखार, खांसी, डायरिया व पेटदर्द के लक्षण आम है। ऐसे में कई बार डॉक्टर टेस्ट करवाते हैं तो कई बार वैसे ही उपचार लिखकर घर में आइसोलेट रहने की सलाह दे देते हैं।

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चिंतित डॉक्टर
‘सप्ताह में एक-दो बच्चे को भर्ती करना पड़ता है। लेकिन हमारे यहां किडनी, ब्लड कैंसर जैसी बीमारियों से ग्रसित बच्चे आते हैं। जांच में वे पॉजिटिव निकलते हैं। गंभीर बच्चा अब तक कोई नहीं आया।’
- डॉ जगदीश गोयल, पीडियाट्रिक प्लमोनरोलॉजिस्ट, एम्स जोधपुर
‘कोविड के माइल्ड लक्षणों वाले बच्चे आ रहे हैं लेकिन उनको अस्पताल में भर्ती करने की जरुरत नहीं पड़ती।’
- डॉ प्रमोद शर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ एसएन मेडिकल कालेज
‘मुझे अब तक केवल एकाध बच्चे को ही भर्ती करने की जरुरत पड़ी है। 3 महीने के बच्चे से लेकर 15 साल के बच्चे में कोविड मिला है।’
- डॉ जेपी अग्रवाल, पीडियाट्रिक इंसेंटिविस्ट, गोयल अस्पताल
‘बच्चों में कोविड तेजी से बढ़ रहा है। हम अपने वाट्सएप गु्रप में बच्चों के लक्षण, इलाज और संक्रमण को लेकर लगातार सम्पर्क बनाए हुए हैं। मोटापा लिए हुए बच्चे अधिक चपेट में आए हैं।’
- डॉ प्रदीप जैन, अध्यक्ष, मारवाड़ पीडियाट्रिक सोसायटी (सोसायटी के 150 शिशु रोग विशेषज्ञ सदस्य है।)
‘कोरोना रोगियों में 18 वर्ष से कम उम्र के कितने बच्चे हैं, हमने अभी तक ऐसा वर्गीकरण नहीं किया है।’
- डॉ बलवंत मण्डा, सीएमएचओ जोधपुर।



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