न्याय और कर्म के देवता शनि 141 दिनों तक रहेंगे वक्री

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. .़न्याय और कर्म के देवता शनि 23 मई को वक्री हो होकर 11 अक्टूबर तक करीब 141 दिनों तक स्वराशि मकर में रहेंगे। ज्योतिषियों के अनुसार जब-जब न्याय के देवता शनि अपना स्थान बदलते हैं तब सभी राशियां प्रभावित होती है। जिन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही है उन पर अधिक प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार इन राशियों को 23 मई से 141 दिन तक विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में शनिदेव खुद पीडि़त होने से शुभ फल नहीं दे पाते है। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि 23 मई को दोपहर 2.50 मिनट पर शानि अपनी ही राशि मकर में वक्री रहेंगे और 11 अक्टूबर को सुबह 7.44 मिनट पर शनि फिर से मार्गी होकर सीधी चाल चलने लगेंगे। शनि के वक्री का सबसे ज्यादा प्रभाव धनु, मकर और कुंभ इन तीनों राशियों पर पड़ेगा। वहीं 2 अन्य राशि मिथुन और तुला भी प्रभावित होगी।

बढ़ेगी अनुकूलता आरोग्यता
ज्योतिषियों के अनुसार शनि के वक्री होने से देश में फैले भय का माहौल खत्म होगा। लोगों में अनुकूलता और आरोग्यता भी बढ़ेगी। खाद्य वस्तुओं पर असर होगा। गर्मी और लू से लोगों की परेशानियां भी बढ़ सकती है। देश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा। शासक आलोचनाओं का शिकार होंगे।

शनि का वक्री होना शुभ नहीं

ज्योतिष के ग्रंथों में शनि के वक्री होने को शुभ नहीं माना गया है और यह कहा गया है कि 'शनि वक्रे च दुर्भिक्षं रूण्डमुण्डा च मेदिनी और शनि वक्रे जने पीड़ा।Ó जिसका अर्थ यह है कि शनि के वक्री होने पर प्रजा रोग व पीड़ा का शिकार होती है। शनि के वक्री होने से धन हानि कराते हैं।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3uBmnPk
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment