जोधपुर. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा मंगलवार को घरों व नवदुर्गा मंदिरों में घट स्थापना के साथ चैत्रीय नवरात्र आरंभ हो जाएंगे। घरों में 'कोरोनाÓ महामारी से मुक्ति के लिए आद्यशक्ति मां दुर्गा से विशेष प्रार्थना की जाएगी। नवदुर्गा मंदिरों में पुजारियों की ओर से दुर्गा सप्तशती पाठ होंगे। मंगलवार से आरंभ हो रहे नवरात्र में इस बार मां दुर्गा का आगमन अश्व यानि घोड़े पर होगा। पं. ओमदत्त शंकर ने बताया कि मंगलवार को सुबह अश्विनी नक्षत्र होने से सर्वार्थ अमृत सिद्धियोग भी बना है। घटस्थापना में प्रात: लग्न , वृष स्थिर लग्न व अभिजित मुहुर्त श्रेष्ट समय रहेगा। इसके साथ ही अश्विनी नक्षत्र तथा अमृतसिद्धि सहित अन्य योग में नवसंवत्सर-2078 की शुरुआत होगी।
अभिजित मुहूर्त दोपहर 12.13 से
पं. ओमदत्त शंकर महाराज ने बताया कि नवरात्र घट स्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 12.13 से 1.04 बजे तक है। अन्य मुहूर्त में लाभ व अमृत के चौघडिय़ों में सुबह 11.04 से दोपहर 2.13 बजे के मध्य शुभ वेला है। द्विस्वभाव लग्न में सुबह 6.08 से 6.22 बजे तक भी घट स्थापन के लिए श्रेष्ठ है। स्थिर वृषभ लग्न में सुबह 8 बजे से 9.56 बजे तक घट स्थापन किया जा सकता है। ज्योतिषियों के अनुसार अश्विनी नक्षत्र में घट स्थापना समृद्धिदायक रहेगी।
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