जोधपुर।
कोरोना की दूसरी लहर ने आमजन के साथ शादी वाले घरों में चिन्ता बढ़ा दी है। दिनोंदिन बढ़ रहे कोरोना मामलों पर नियंत्रण के लिए सरकार की ओर से जारी अनुशासन पखवाड़ा विशेषकर शादी वाले घरों पर भारी पड़ रहा है। इससे न केवल व्यापार-धंधे चौपट हो रहे बल्कि शादी वाले घरों में आवश्यक सामानों की आपूर्ति पर ब्रेक लग गया है। जोधपुर संभाग मुख्यालय होने के कारण यहां संभाग के लोग त्रिपोलिया बाजार, मोती चौक, घंटाघर, नई सडक़ प्रमुख बाजारों में कपड़े, गहने सहित अन्य आवश्यक सामानों की खरीदारी के लिए आते है। 22 अप्रेल से लेकर 5 मई तक शहर में शादियां हैं। ऐसे में लोगों ने कपड़े, गहने, मोड़ तुर्री सहित आवश्यक सामानों के लिए पहले ही ऑर्डर दे दिए। शादियों की सीजन में ऑर्डर को देखते हुए दुकानदारों ने भी माल तैयार करवा दिए, लेकिन अब अनुशासन पखवाड़े के तहत दुकानें बंद होने की स्थिति में वे अपने माल की लोगों को डिलीवरी नहीं कर पा रहे है।
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पिछले लॉकडाउन में भी हुआ करोड़ों का घाटा
गत वर्ष कोरोनाकाल में लगे लॉकडाउन की मार से व्यापारी उबर ही नहीं पाए कि अब अनुशासन पखवाड़े ने फुटकर व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। पिछले लॉकडाउन में भी फुटकर व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हो चुका है।
- कपड़ा व्यापारियों ने शादी की सीजन के मद्देनजर कपड़ा निर्माताओं व ट्रेडर्स से माल क्रय कर चुके हैं। ऐसे में यदि माल विक्रय नहीं हो पाया तो व्यापारियों को लाखों-करोड़ों का नुकसान होगा। साथ ही माल का पेमेंट करना उनके लिए भारी पड़ जाएगा।
- स्वर्णकारों ने शादियों के ऑर्डर पर गहने-आभूषण बना दिए, दुकानें नहीं खोलने के लिए तय समय पर माल तैयार नहीं होगा व शादी वाले घरों में डिलीवरी नहीं होगी। इससे शादी का रंग फीका पड़ जाएगा।
- पारम्परिक रूप से मोड़ तुर्री तोरण सहित फेरों के समय काम में लिए जाने वाले सामान दुकानें नहीं खोलने की वजह से बिक नहीं पाएंगे और व्यापारियों को लाखों का नुकसान होगा।
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व्यापारियों में रोष
शादी की सीजन में करोड़ों रुपयों के कपड़े का व्यापार होता है। व्यापारी लोगों की मांग पर विशेष माल तैयार करवा चुके है, अब माल डिलीवर नहीं होने से व्यापारियों को नुकसान होगा। प्रशासन को वैवाहिक सीजन को देखते हुए ग्राहकों को माल डिलीवरी के लिए निर्धारित समय के लिए दुकानें खोलने की अनुमति देनी चाहिए।
दीपक सोनी, अध्यक्ष
त्रिपोलिया बाजार मोती चौक व्यापार संघ
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शादियों की सीजन के लिए ग्राहकों की मांग पर करीब 10 करोड के गहने तैयार किए गए है। दुकानें नहीं खोल पाने की वजह से ग्राहकों को ज्वैलरी नहीं मिल पाएगी और सर्राफा बाजार को करोड़ों का नुकसान होगा। सरकार कुछ मोहलत दे तो ग्राहकों को माल डिलीवरी कर सके।
नवीन सोनी, प्रदेश उपाध्यक्ष
इंडिया बुलियन एण्ड ज्वैलरी एसोसिएशन
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तोरण-तुर्री, मोड़ आदि वैवाहिक सीजन में ही उपयोग आते है। अभी सीजन है, लेकिन दुकानें बंद होने से लोग खरीदारी नहीं कर पा रहे है। सरकार को कुछ समय के लिए दुकानें खोलने के लिए अनुमति देनी चाहिए।
विनोद लखारा, व्यापारी
मणिहारी व पड़ला आयटम्स
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