जोधपुर.
भीलवाड़ा में तस्करों को पकडऩे के दौरान फायरिंग में भीलवाड़ा पुलिस के दो जवानों की हत्या में शामिल तस्कर जोधपुर व बाड़मेर के रहने वाले हैं। जोधपुर व भीलवाड़ा से आई विशेष टीम ने सोमवार मध्यरात्रि से मंगलवार तड़के तक कुड़ी भगतासनी थाना क्षेत्र में कई जगहों पर दबिश देकर छह-सात जनों को हिरासत में लिया। हत्याकाण्ड में शामिल मुख्य आरोपी पकड़ में नहीं आ सका।
पहचान : ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हैं हत्यारे
गत दस अप्रेल की देर रात भीलवाड़ा पुलिस ने तस्करों की एसयूवी व दो कारों का पीछा किया था। पुलिस से बचने के लिए तस्करों ने फायरिंग करनी शुरू कर दी थी। जिससे भीलवाड़ा पुलिस के दो कांस्टेबल की मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने फरार तस्करों की पहचान की है। जो जोधपुर के आस-पास ग्रामीण क्षेत्र और जोधपुर से जुड़ी बाड़मेर जिले के रहने वाले बताए जाते हैं। इनमें एक फौजी के शामिल होने का अंदेशा है।
तड़के 5 बजे तक दबिशें, पकड़ में नहीं आया आरोपी
हत्यारों की तलाश में भीलवाड़ा पुलिस की विशेष टीम जोधपुर में है। जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के सहयोग से हत्यारों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी पहलूओं से जांच के बाद एक हत्यारे के सोमवार रात कुड़ी भगतासनी थाना क्षेत्र में छुपे होने की सूचना मिली। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह यादव के नेतृत्व में जोधपुर व भीलवाड़ा पुलिस ने संयुक्त रूप से क्षेत्र में दबिशें दी। तड़के पांच बजे तक तलाश के दौरान छह-सात संदिग्धों को पकड़ा गया, लेकिन हत्या में शामिल एक युवक भाग गया।
एसयूवी छोड़ अफीम की खेप लेकर भागे तस्कर
गत दस अप्रेल की रात मादक पदार्थ की बड़ी खेप लेकर एसयूवी व दो-तीन अन्य कार में तस्कर जोधपुर की तरफ आ रहे थे। भीलवाड़ा पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो तस्करों ने फायरिंग कर दी थी। दो जवानों की हत्या के बाद वे काली एसयूवी सुनसान जगह छोड़ अन्य कारों में भाग गए थे। मादक पदार्थ की खेप भी वे साथ लेकर भागे। एक कार बाद में लावारिस मिली थी। काली एसयूवी जोधपुर जिले में खेड़ी सालवा गांव निवासी एक व्यक्ति के नाम पंंजीकृत निकली थी।
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