जोधपुर. राव जोधाजी ने दुर्ग निर्माण की योजना बनाई तब उन्होंने मसूरिया पहाड़ी पर दुर्ग बनाने का निर्णय लिया और दुर्ग निर्माण के प्रयास शुरू भी किए परन्तु आसपास जल की कमी होने से दुर्ग निर्माण का कार्य आगे नहीं बढ़ सका । उसी समय पहाड़ी पर रहने वाले एक फकीर बाबा ने राव जोधाजी को पचेटिया पर्वत पर किला बनवाने की सलाह दी । राव जोधाजी को फकीर बाबा की बात अच्छी लगी और उन्होंने पचेटिया पर्वत पर दुर्ग निर्माण का कार्य प्रारम्भ करवाया था। मसूरिया पहाड़ी की गोद में लोकदेवता बाबा रामदेवजी के गुरु बालीनाथजी का समाधि मंदिर देश भर में विख्यात है । जैसलमेर जिले के रामदेवरा में ***** मेला भरता है तो लाखों की संख्या में देश भर के जातरू मसूरिया बालीनाथ मंदिर में शीश नवाने आते है। समय - समय पर बालीनाथ मंदिर में अनेक परिवर्तन किए जा चुके है जो वर्तमान समय तक अनवरत जारी हैं । मंदिर स्थापत्य कला की दृष्टि से सम्मिश्रण कला का प्रतीक है । समय और काल के अनुसार यह मंदिर बनता गया और इसका स्वरूप भी निरन्तर आकार लेता गया ।
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