फर्जी नाम से बंदियों को सिम मुहैया कराने वाले दुकानदार गिरफ्तार

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जोधपुर.
जिले की फलोदी थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों से मोबाइल सिमें मुहैया कराने के मामले में एक दुकान संचालक को मंगलवार को गिरफ्तार किया। उसने फलोदी उप कारागृह में बंदियों को भी फर्जी सिमें पहुंचाई थी और उन्हीं सिम से जेल से फरार होने की साजिश रची गई थी।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनिल कयाल ने बताया कि जेल से फरार बंदियों के मामले की जांच में एक मोबाइल नंबर संदिग्ध मिला था। जांच में यह सिम फलोदी में मलार चौराहा निवासी हीरो पत्नी हीरालाल मेघवाल के नाम होने का पता लगा। महिला से पूछताछ की गई तो उसने ऐसी सिम खरीदने तक से इनकार कर दिया। तब पुलिस ने मोबाइल सिम जारी करने वाले का पता लगा लगाने के लिए कैफ मंगाई। जिसमें सामने आया कि यह सिम फलोदी की बरकत कॉलोनी निवासी मोबाइल दुकान संचालक शाहरूख पुत्र सलीम खान ने अपने मोबाइल नम्बर पर ओटीपी मंगाकर जारी कराई थी। इस संबंध में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। अनुसंधान के बाद मोबाइल रिटेलर शाहरूख पुत्र सलीम खान को गिरफ्तार किया गया।
20-25 सिमें बेचने की पुष्टि

पुलिस ने शाहरूख की ओर से बेची मोबाइल नम्बरों की कैफ मंगाकर जांच की गई। जिसमें फर्जी सिम जारी करने की पुष्टि हुई। वह अब तक बीस-पच्चीस सिम गलत तरीके से जारी कर बेच चुका है। उसने किन-किन लोगों को फर्जी सिमें बेची हैं, इस बारे में जांच की जा रही है।
ऊंचे दाम पर बेचता फर्जी सिम

शाहरूख ने पूछताछ में बताया कि वह सिम खरीदने के लिए दुकान पर आने वाले ग्राहक से आधार कार्ड की फोटो कॉपी व एक फोटो अपने पास रख लेता था। मोबाइल से लाइव फोटो खींचता। जिससे सिम जारी होती है। वह ग्राहकों को यह फोटो सही न खींची जाने का बताकर दुबारा लाइन फोटो खींचता। नई सिम एक्टिवेट कराने के लिए आवश्यक ओटीपी भी अपने मोबाइल नम्बर में मंगाता था। साथ एक अन्य सिम भी उसी ग्राहक जारी करा लेता। एक सिम वह ग्राहक को व दूसरी सिम खुद रख लेता था। वह अच्छे रुपए मिलने पर बगैर किसी दस्तावेज के फर्जी सिम बेच देता।



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