मुक्तिधाम का अनूठा सेवादार मुकेश

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

नंदकिशोर सारस्वत

जोधपुर. मोक्षधाम में पिछले छह साल से बिना कोई शुल्क लिए निस्वार्थ सेवाएं देने वाले अनूठे सेवादार मुकेश गोदावत को कोरोना की दूसरी लहर के कारण श्मशानों में उपजी स्थिति ने उन्हें झकझोर कर रख दिया है। रविवार सुबह से देर शाम तक 9 कोविड संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार कर चुके मुकेश बताते हैं कि एम्बुलेंस की हड़ताल के कारण संक्रमित शवों को अस्पताल से लाकर अंतिम संस्कार की क्रिया में ज्यादा समय लग रहा है। इसके लिए विश्व हिन्दू परिषद की ओर से सेवार्थ दी गई एम्बूलेंस को वे खुद ड्राइव कर श्मशान तक ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि लकड़ी से चिता जलाने में करीब तीन से चार घंटे तक समय लगता है जबकि गैस शवदाह गृह में करीब एक घंटा लगता है।

शव को स्नान से दाह संस्कार तक सभी कार्य नि:शुल्क

मुकेश कोविड संक्रमित शवों को छोड़कर सामान्य बीमारी से दिवंगत होने वालों के पार्थिव देह को स्नान कराने से लेकर दाह संस्कार से चिता सजाने तक सभी क्रियाकर्म से जुड़े कार्य स्वयं करते हैं। समाज के किसी भी व्यक्ति के निधन की खबर मिलते ही जैन समाज के सिवांचीगेट स्थित ओसवाल स्वर्गाश्रम से मोक्षवाहन लेकर निकल पडते हैं। शहर के भीतरी क्षेत्र महावीर पोल जूनी मंडी निवासी 41 वर्षीय मुकेश अपनी आजीविका के लिए लाइट डेकोरेशन का कार्य करते हैं। उन्हें अपने बडे पिता पूनमचंद गोदावत व माताजी प्रेमलता से अनूठे सेवा कार्य की प्रेरणा मिली। वर्ष 2016 से अब तक 994 दाह संस्कार करवा चुके है। अब तक कोविड संक्रमित 128 शवों का दाह संस्कार कर चुके है और यह क्रम लगातार जारी है।

संक्रमित शव के करीब आने से परिजन भी कतराते है
कोरोनाकाल में परिजन पीपीई किट में शव को छोडकर बाहर चले जाते हैं। ऐसे में भी मुकेश ने उनका अंतिम संस्कार करने में कोई कोर कसर नहीं रखी। कोरोनाकाल में गैस मशीन के खराब होने पर उसकी मरम्मत के लिए दिन रात मशक्कत कर उसे समाज के पदाधिकारियों के सहयोग से ठीक करवाया। पुनीत कार्य में उनके पिता प्रकाशमल, पत्नी नूतन व परिजनों के अलावा ओसवाल स्वर्गाश्रम के समस्त पदाधिकारी, स्टॉफ व नगर निगम स्टाफ का सक्रिय सहयोग मिलता है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3nlJI4J
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment