जोधपुर. प्रदेश में बीती रात कई क्षेत्रों में आंधी आने और धूल का गुब्बार उठने से मौसम की फिजां खराब हो गई्र। अलवर से लेकर जैसलमेर तक हवा में वायु प्रदूषण रहा। वातावरण में पार्टिकुलेट मैटर-10 और पीएम-2.5 की मात्रा काफी बढ़ गई, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। कोरोना के रोगियों की हालत और खस्ता हो गई।
जोधपुर और पाली में बुधवार को सबसे अधिक वायु प्रदूषित रही। दोनों ही स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 325 के पास रहा। पीएम-10 और पीएम-2.5 की मात्रा रात को 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक रही जो अलार्मिंग स्थिति दर्शाता है। जयपुर व अलवर में 243 और अजमेर में 215 रही। इसके उलट मंगलवार सुबह हवा कुछ साफ रही थी।
शहर ------7 अप्रेल एक्यूआई- 6 अप्रेल एक्यूआई
जोधपुर------ 326 ------217
पाली ------ 325 ------ 141
जयपुर ------243 ------ 134
अलवर ------ 243 ------ 107
अजमेर ------ 215 ------ 104
क्या है पीएम-2.5 और पीएम-10
पार्टिकुलेट मैटर 10 का अर्थ ऐसे कण जिनका आकार 10 माइक्रोमीटर हो (एक मीटर में 10 लाख माइक्रोमीटर होते हैं।)। पीएम-10 श्वसनीय कण भी कहते हैं क्यों कि यह श्वास के साथ अंदर चले जाते हैं। पीएम-2.5 का अर्थ कणों का आकार 2.5 माइक्रोमीटर व इससे कम होना। यह पीएम-10 से भी घातक है। पार्टिकुलेट मैटर में धुंआ, कालिख, मेटल, नाइट्रेट, सल्फेट, डस्ट वाटर, रबर के छोटे कण शामिल होते हैं जो कई बार श्वास के साथ अंदर जाकर रक्त परिसंचरण तंत्र में भी प्रवेश कर सकते हैं।
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