कांस्टेबल को पकड़ा तो दो सिपाहियों की हत्या का मुख्य आरोपी आया गिरफ्त में

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जोधपुर.
भीलवाड़ा में मादक पदार्थ तस्करों की फायरिंग में दो कांस्टेबल की हत्या का मुख्य आरोपी जोधपुर के फलोदी तहसील में खारा गांव स्थित कांस्टेबल के भाई के मकान में छुपा हुआ था। पुलिस ने कांस्टेबल को पकड़ा और गिरफ्तारी का डर दिखाया तो उसने मुख्य आरोपी के बारे में पुख्ता सूचना दी। तब राज्य की एटीएस-एसओजी व पुलिस ने रविवार तड़के तीन बजे खारा गांव में कांस्टेबल के भाई के मकान में दबिश देकर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी व पुलिस में क्रॉस फायरिंग भी हुई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गत दस अप्रेल की रात भीलवाड़ा में पुलिस ने तस्करों के चार वाहनों को पकडऩे के लिए नाकाबंदी की थी, लेकिन तस्कर अलग-अलग जगहों पर फायरिंग कर भाग गए थे। जिससे कांस्टेबल ऊंकार रायका व पवन कुमार की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में नौ युवकों को नामजद कर राज्य की एसओजी-एटीएस और आठ जिलों की पुलिस तलाश में जुटी थी।
इस बीच, जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के निरीक्षक अमित सिहाग को सुनील डूडी के खारा में छुपे होने की सूचना मिली। एटीएस-एसओजी अजमेर के निरीक्षक भूराराम खिलेरी के नेतृत्व में भीलवाड़ा पुलिस में निरीक्षक राजेन्द्र गोदारा, गजराज चौधरी, पाली पुलिस में सुरेश चौधरी, नागौर पुलिस के एसआइ अशोक बिस्सु व जैसलमेर पुलिस के एसआइ सुनील ताडा ने तड़के तीन बजे खारा गांव के मकान में दबिश दी।

पुलिस को देख बिलाड़ा के समीप मतवालों की ढाणी निवासी सुनील डूडी पुत्र ओपाराम बिश्नोई भागने लगा। उसने टॉर्च जलाई और पुलिस पर दस से 12 राउण्ड फायर भी किए। गनीमत रही कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस ने जवाबी फायरिंग कर सुनील डूडी बिश्नोई को पकड़ लिया। उसकी अंगुलियों में चोट आई है। वह मादक पदार्थ का बड़ा तस्कर है।
उसे पूछताछ के लिए कुड़ी भगतासनी थाने ले जाया गया, जहां से गिरफ्तार कर भीलवाड़ा पुलिस उसे भीलवाड़ा ले गई। पुलिस ने एक कांस्टेबल सहित पांच-छह अन्य युवकों को भी हिरासत में लिया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है।

एक पिस्तौल व अनेक जिंदा कारतूस जब्त
पुलिस ने सुनील डूडी से एक पिस्तौल व कई जिंदा कारतूस और खाली कारतूस जब्त किए। पुलिस पर फायरिंग के बारे में रायला थानाधिकारी की ओर से फलोदी थाने में जानलेवा हमला, राजकार्य में बाधा डालने व आम्र्स एक्ट में मामला दर्ज कराया गया।

पूर्व सैन्यकर्मी सहित आठ अभी भी फरार
प्रकरण में नेतराम, रामनिवास, प्रकाश, रामदेव, धवा गांव निवासी राजू डारा फौजी, बाड़मेर निवासी पाबू गोरछिया, रमेश भाणिया व यशवंत बंटी भी आरोपी है। जो अभी तक पकड़ में नहीं आ सके हैं। राजू फौजी भी मुख्य आरोपी बताया जाता है। जो सेना में रह चुका है। इनकी धरपकड़ के लिए सुनील डूडी से पूछताछ की जा रही है।

कांस्टेबल के भाई ने दे रखी थी पनाह
आरोपियों के सम्पर्क वाले लोगों से जांच के बाद खारा निवासी देचू थाने के एक सिपाही की भूमिका संदिग्ध नजर आई। जोधपुर पुलिस की सूचना पर एसओजी-एटीएस ने कांस्टेबल को हिरासत में लिया, लेकिन उसने कोई जानकारी नहीं दी। पुलिस ने गिरफ्तारी का डर दिखाया तो कांस्टेबल टूट गया। उसने खारा में भाई के मकान में छुपे होने की पुख्ता सूचना दे दी। कांस्टेबल व आरोपी सुनील डूडी मादक पदार्थ तस्करी में साझेदार बताए जाते हैं। कांस्टेबल हिरासत में है।



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