जोधपुर. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार सुबह दक्षिण पश्चिमी मानसून का पहला दीर्घावधि पूर्वानुमान जारी कर दिया। इस बार देश में सामान्य मानसून रहेगा यानी 96 प्रतिशत से लेकर 104 प्रतिशत तक बारिश की संभावना है। राजस्थान के लिए भी खुशखबरी है। यहां औसत बारिश रहेगी।
प्रदेश के दक्षिणी, दक्षिण-पूर्व, पूर्व और उत्तर-पूर्व के कई हिस्सों में सामान्य अथवा सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है वहीं थार मरुस्थल के अधिकांश जिलों पश्चिम और उत्तरी-पश्चिमी राजस्थान में औसत से कम बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। यह पहला पूर्वानुमान है। आईएमडी ने इस बार सभी मौसमी परिस्थितियों को अनुकूल बताया है। मानसून के कमजोर रहने का मौसमी कारक अल नीनो भी उदासीन रहेगा।
1 मार्च से लेकर 15 अप्रेल तक 68 प्रतिशत कम बारिश
प्रदेश में एक मार्च से लेकर 15 अप्रेल तक 68 प्रतिशत कम बारिश मापी गई है। विशेषकर पश्चिमी हिस्से में काफी सूखा रहा। पिछले डेढ़ महीनों में थार मरुस्थल के जिलों में 84 फीसदी कम बरसात हुई। इस दौरान अधिकांश बारिश भूमध्यसागर से आने वाली नमी युक्त हवा यानी पश्चिमी विक्षोभों के कारण होती है। इस साल पश्चिमी विक्षोभ काफी कमजोर रहे जिसके कारण उनका असर प्रदेश तक नहीं पहुंच सका।
15 से 30 अप्रेल तक सामान्य रहेगा पारा, अधिक गर्मी नहीं
मौसम विभाग के अनुसार 15 से 30 अप्रेल तक समूचे प्रदेश में पारा सामान्य बने रहने की उम्मीद है। इसका कारण पश्चिमी विक्षोभ का लगातार आना रहेगा, जिसके कारण मौसम में धूल भरी हवाएं, मेघगर्जना और वज्रपात का मौसम चलता रहेगा।
1 मार्च से 15 अप्रेल तक बारिश (बारिश मिलीमीटर में )
स्थान -----------वास्तविक बारिश-- सामान्य बारिश-उतार चढ़ाव (प्रतिशत में)
पश्चिमी राजस्थान --- 1.1 ------- 7.1 ------- (-84)
पूर्वी राजस्थान ----- 3.2 ------- 5.4 ------- (-41)
राजस्थान --------- 2.0 ------- 6.4 ------- (-68 )
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‘पश्चिमी विक्षोभों के कमजोर होने के कारण मार्च-अप्रेल में कम बारिश हुई लेकिन मानसून के लिहाज से अच्छी खबर है। प्रदेश में इस साल मानसून औसत रहेगा।’
-आरएस शर्मा, निदेशक, मौसम केंद्र जयपुर (आईएमडी)
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