जोधपुर. सौभाग्य और परिवार की खुशहाली के लिए किए जाने वाले सोलह दिवसीय गवर माता पूजन व्रत अनुष्ठान का पारणा गुरुवार को सादगी से होगा। तीजणियां घरों में ही सोलह दिवसीय अनुष्ठान का पारणा कर गवर माता से महामारी से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना करेंगी। वैशाख कृष्ण तृतीया की पूर्व संध्या पर गाजे बाजों के साथ गवर माता को पानी पिलाने की परम्परा भी बुधवार को अत्यंत सादगी से की गई। बेंतमार गणगौर मेला कमेटी अध्यक्ष अनिल गोयल ने बताया कि गुरुवार को आभूषणों से सजी गवर माता की प्रतिमा को तीजणियों के लिए ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। चाचा की गली क्षेत्र में गवर पूजने वाली तीजणियां लीलावती पुरोहित, मधु पुरोहित व अरूणा व्यास ने बताया कि सोलह दिवसीय गवर पूजन अनुष्ठान का पारणा भी कोविड गाइडलाइन पालना के साथ सादगी से किया जाएगा। आसोप की पोल क्षेत्र में गवर पूजने वाली तीजणियां सीमा जोशी, सुधा बोहरा, पिंकी व्यास, अंजू मत्तड़, गुलाब बोहरा, शशि पुरोहित व उषा हर्ष ने गवर माता को जल अर्पण कर पारम्परिक गवर गीत प्रस्तुत किए। महिला सशक्तिकरण को लेकर केवल जोधपुर में मनाए जाने वाले अनूठे धींगा गवर मेले के इन्द्रधनुषी रंग कोविड महामारी के कारण दूसरे साल भी नहीं नजर आएंगे।
धींगा गवर पूजन घरों में करने की अपील
धींगा गवर उत्सव समिति हनुमान चौक जालप मोहल्ला के अध्यक्ष गुरु गोविंद कल्ला ने सभी तीजणियों से धींगा माता गवर की पूजा घरों में ही करने और पूजन के पश्चात सभी के कोरोना संक्रमण से बचाव की प्रार्थना करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन निर्देशों की पालना में जालप मोहल्ला में गवर प्रतिमा को दर्शनार्थ विराजमान नहीं किया जाएगा।
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