जोधपुर. जोधपुर की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार तेज गर्मी पडऩे के कारण यहां हर वायरस जिंदा नहीं रह सकता। लेकिन अचरज की बात है कि कोरोना वायरस गर्मियों की सीजन में भी यहां कहर ढा रहा है। गत वर्ष इस माह लॉकडाउन था, इस कारण कम केस सामने आए। उस समय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी कड़ी से कड़ी जोडक़र संक्रमितों तक पहुंच रहा था। ठीक एक साल बाद भी जोधपुर में समुदाय स्तर पर व्यापक रूप में फैल चुके कोरोना को रोकने के तमाम प्रयास विफल दिख रहे है। ३५ से ४० डिग्री का तापमान भी जोधपुर में कोरोना संक्रमण सहन कर रहा है। सर्दी-गर्मी के मौसम के बीच ज्यादातर वायरस जिंदा रहते हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण सर्दी के साथ जोधपुर में गर्मियां भी आसानी से गुजार रहा है। चिकित्सकों के अनुसार कोरोना के लिए गर्मी का मौसम भी अनुकूल है।
लगता है, ये वायरस गर्मी के कांसेप्ट को नहीं मानता
ये वायरस पिछले समय भी इसी माह गति पकड़ रहा था। इस बार भी पकड़ रहा है। ये वायरस गर्मी के कांसेप्ट को नहीं मानता। होली पर्व गया है। लोगों में भी संक्रमण को लेकर डर खत्म हो गया है। कई ये मान रहे हैं कि वैक्सीन लगाने के बाद कोरोना नहीं होगा, जो भी गलत है। संक्रमण हो सकता है, लेकिन उसकी गंभीरता कम हो जाएगी।
- डॉ. विभोर टाक, एसोसिएट प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, एम्स जोधपुर
गर्मी का मौसम भी वायरस के लिए अनुकूल
ये वायरस सर्दी-गर्मी और दोनों मौसम के शुरुआती व खत्म होने के बीच भी सक्रिय रहा है। अब ये कतई नहीं कह सकते कि तेज गर्मी में कम हो जाएगा। जोधपुर के लोग जागरूक होकर कोविड नियमों की पालना करे। सोशल डिस्टेंस, मास्क लगाना व सेनिटाइजेशन करके बचाव किया जा सकता है।
- डॉ. अमित सागर, एसोसिएट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज
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