जोधपुर. इस वर्ष नव संवत् 2078 में 13 अप्रेल को सुबह से घटस्थापना मां दुर्गा आराधना की आराधना घरों में घट स्थापना से प्रारंभ होगी । पं. ओमदत्त शंकर ने बताया कि मंगलवार को सुबह अश्विनी नक्षत्र होने से सर्वार्थ अमृत सिद्धियोग भी बना है। अश्विनी नक्षत्र में नई प्रतिमा घट स्थापना , त्रिशूल स्थापना के बाद में देवी अथर्वशीर्ष का पाठ करना फलदायी माना गया है। नवरात्र के प्रथम दिन अमृत योग दिन में 2 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। यद्यपि इस दिन प्रतिपदा सुबह 10.16 बजे तक ही रहेगी और बाद में पूरे दिन द्वितीया तिथि रहेगी। नवरात्र पूरी 9 दिन की ही है। इसलिए नवरात्र में 9 दिन पूरे ही समय पूजा का विधान बताया गया है । इसके पहले सोमवार को अमावस्या तिथि होने से सोमवती अमावस्या रहेगी । घटस्थापना में प्रात: लग्न , वृष स्थिर लग्न व अभिजित मुहुर्त श्रेष्ट समय रहेगा।
साल में चार नवरात्र
एक संवत्सर में चार नवरात्र घटित होते हैं । चैत्र , आषाढ़ , आश्विन और माघ के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नौ दिन नवरात्र कहलाते हैं । इनमें चैत्र नवरात्र वासन्तिक नवरात्र माने जाते हैं । आश्विन- नवरात्र शारदीय नवरात्र और आषाढ़ व माघ के नवरात्र गुप्त नवरात्र माने जाते हैं। इन नवरात्रों में आद्य शक्ति भगवती दुर्गा की आराधना का विशेष महत्व माना गया है।
चामुंडा मंदिर में रहेगा प्रवेश बंद
इस बार चैत्रीय नवरात्र के दौरान मेहरानगढ़ के चामुण्डा मंदिर में दर्शनार्थियों का प्रवेश निषेध रहेगा। राज्य सरकार की गाइडलाइन, पुलिस व जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर दर्शनार्थियों एवं श्रद्धालुओं के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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