मारवाड़ी लोक नृत्यों पर झूमी छात्राएं

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जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय छात्र सेवा मंडल के राजस्थानी संस्कृति प्रकोष्ठ की ओर से चल रही साप्ताहिक प्रतियोगिताओं का समापन शनिवार को कमला नेहरु कॉलेज में राजस्थानी लोक नृत्य प्रतियोगिता के साथ हुआ। छात्राओं ने राजस्थानी वेशभूषा में नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दी। छात्राओं ने पधारो म्हारे देश, केसरिया बालम, घूमर, कालबेरिया, जय जय राजस्थानी, ईडूणी, गोरबंद, ओळयू, मोरियो, हिचकी, मूमल, गणगौर, बादली, पणिहारी, कुरजां, बिछियां, पीपली, सुपनो, कांगसियो, कोयलड़ी, काछबा, चिरमी, भाव जरा वीरा जैसे लोकप्रिय राजस्थानी गीतों परपरम्परागत वेशभूषा में प्रस्तुतियां दी। राजस्थानी नृत्य में बेहतरीन परफोर्मेंस से पूरा केएन सभागार तालियों की गडगड़़ाहट से गूंज उठा।
संयोजक डॉ मिनाक्षी बोराणा, कार्यक्रम प्रभारी डॉ. धनजंया अमरावत, डॉ. कामिनी ओझाा, डॉ. प्रतिभा सांखला, डॉ. जया भण्डारी, डॉ. हितेन्द्रगोयल, डॉ. पूनम पूनिया ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। निर्णायक जानी-मानी उद्घोषिका फि ल्म निर्मात्री बीनाका जैश ने कहा कि संस्कृति को सही मायने में समझने के लिए लोकनृत्य ही उचित माध्यम है। डॉ. विभा भूत ने कहा कि सुख दुख भावों की अभिव्यक्ति लोकनृत्य में देखने को मिलती है।



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