जोधपुर. सांसी कॉलोनी में स्मैक की लत का आदी हो चुके बालक को मां की ओर से बेडिय़ों से बांधे जाने की घटना पर शनिवार को बाल कल्याण समिति उसके घर पहुंची। परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉ. धनपत गुजर ने बताया कि पत्रिका में प्रकाशित समाचार '9 साल के बालक को स्मैक की लत छुड़ाने को विवश मां ने नन्हे पांवों में बांधी बेडिय़ांÓ के बाद समिति ने स्व प्रसंज्ञान लिया है। उसके घर पहुंचने पर दादा व दादी मिले। मजदूरी के कारण माता-पिता बाहर थे। दादा-दादी ने बताया कि उनका पौत्र अपनी बुआ के यहां चला गया है। समिति अध्यक्ष डॉ. गुजर को दादा ने बताया कि सांसी बस्ती में स्मैक का धंधा होता है। छोटे बच्चे अनजाने में स्मैक का शिकार होकर अपनी जिंदगी खराब कर रहे हैं। उनका पौत्र अनजाने में इसका शिकार हो गया, उसे घर में मजबूरी में बांधा गया। परिजनों ने कहा कि अखबार में प्रकाशित खबर के बाद वे सहम गए और बालक को बुुआ के घर भेज दिया। दादा-दादी ने कहा कि वे 3-4 दिन स्वयं देखभाल करेंगे, उसके बाद सुधार नहीं हुआ तो समिति से संपर्क साधेंगे। इस दौरान समिति सदस्य शशि वैष्णव, विक्रम सरगरा, लक्ष्मण परिहार व समाजसेवी पूनाराम सांसी मौजूद थे।
परिजनों ने की पुलिस की शिकायत
समिति अध्यक्ष डॉ गुजर के समक्ष दादा-दादी ने शिकायत कि है कि सांसी कॉलोनी में स्मैक बेचने वालों को पुलिस रोकती नहीं है। यहां कई बच्चे स्मैक की लत का शिकार हंै। डॉ गुजर ने आश्वस्त किया कि समिति सदैव बालक के हित में तत्पर रहेगी।
स्मैक पीते हुए वीडियो भी पत्रिका के पास है
सांसी कॉलोनी में कई जगहों पर स्मैक धड़ल्ले से बिक रही है। यहां युवाओं के स्मैक पीते के वीडियो भी पत्रिका के पास है। सांसी बस्ती की सामाजिक पंचायत भी स्मैक के खिलाफ है। उसके बावजूद पुलिस की ओर से कठोर कार्रवाई न होना सवाल खड़े कर रहा है।
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