हैण्डीक्राफ्ट उद्योग पर फायर सेस की गाज

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जोधपुर।

जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट उद्योग सहित अन्य उद्योगों पर फायर सेस की गाज गिरी हुई है। इसकी वजह नगर निगम द्वारा उद्योगों को झटका देते हुए फ ायर एनओसी लेने पर फ ायर सेस की राशि को 5 गुना बढ़ाना है। इससे जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट सहित सभी उद्योगों पर विपरीत असर पड़ रहा है। पिछले दिनो जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन की ओर से नगर निगम दक्षिण आयुक्त अमितकुमार यादव से मुलाकात कर उद्योगों पर फ ायर सेस की बढ़ी हुई राशि को कम करने की मांग भी गई, लेकिन अभी तक नगर निगम द्वारा बढ़ी हुई राशि वापस लेने के मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई है ।

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उद्योग पर बढ़ा आर्थिक बोझ

गौरतलब है कि पिछले दिनों हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों को नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा फ ायर एनओसी रिन्युअल के लिए पत्र प्राप्त हुए है। जिसमें विभाग फ ायर सेस की फ ीस की दर सामान्य फ ीस से 5 गुना अधिक अंकित की गई है । कई बड़ी फैक्ट्रियों को 5 लाख रुपए से अधिक की वसूली करने के नोटिस प्राप्त हुए है । इस कारण हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है ।

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सीएम तक पहुंचाई समस्या

हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी पत्र लिखकर फायर सेस की राशि सामान्य फीस से 5 गुना अधिक वसूलने की समस्या के समाधान की मांग की गई है। एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ भरत दिनेश ने बताया कि वर्तमान में उद्योग मंदी के दौर से गुजर रहे है । साथ ही, कोविड-19 का भी बुरा प्रभाव पड़ा है। इस कठिन समय में हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों सहित अन्य उद्योगों से फ ायर सेस की राशि वसूलना अनुचित है।

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फायर सेस दर कम करने की उद्योगों की मांग को डायरेक्टर ऑफ लोकल बॉडीज जयपुर भेजा है। वहां से इस मामले में मार्गदर्शन मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।

डॉ अमित यादव, आयुक्त

नगर निगम दक्षिण



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