जोधपुर. डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में बगैर आरयूएचएस जयपुर से अनुमोदित पैनल के स्वीकृति बिना सोमवार-मंगलवार को प्रथम एमबीबीएस मुख्य परीक्षा का प्रायोगिक ले लिया गया। मामला सामने आने पर प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. गुलझारीलाल मीणा ने तत्काल प्रभाव परीक्षा को निरस्त कर दिया। इसको लेकर उन्होंने एनाटॉमी की विभागाध्यक्ष डॉ. सुषमा कटारिया को भी परीक्षा निरस्त का पत्र सौंपा है।
जानकारी में सामने आ रहा है कि एनाटॉमी विभाग ने अनुमोदिन पैनल के स्वीकृति बिना 3 पाली मेडिकल कॉलेज, 4 एम्स जोधपुर और 3 एग्जामिनर यहां के लिए ले लिए। कुल मिलाकर सभी 10 जोधपुर के लोकल हो गए थे। जबकि परीक्षा में 5 इंटरनल व 5 एक्सटेनर एग्जामिनर चाहिए, लेकिन विभाग ने 10 ही लोकल ले लिए। निरस्त की गई इस प्रायोगिक परीक्षा से करीबन 160 मेडिकोज को पुन: प्रायोगिक परीक्षा देनी पड़ेगी। इस प्रकरण के लिए प्रिंसिपल डॉ. जीएल मीणा से बात करना चाही, लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।
स्कीन विभाग में विभागाध्यक्ष नहीं बदलना चर्चा का विषय बना
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में इन दिनों चर्चा चल रही हैं कि दो-दो साल के रोटेशन ऑफ हैडशिप के अंतर्गत चिकित्सक शिक्षकों को विभागाध्यक्ष बनाया जाता है। जबकि स्कीन विभाग में विभागाध्यक्ष नहीं बदले जाने को लेकर भी कॉलेज में चर्चाएं चल रही है, क्योंकि यहां भी वर्तमान विभागाध्यक्ष को दो साल हो गए हैं। वहीं अगले नए बनने वाले विभागाध्यक्ष से सहमति व असहमति पत्र भी नहीं लिया गया है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3cFB8Jm
0 comments:
Post a Comment