जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान पैरामेडिकल कौंसिल को याचिकाकर्ताओं को 31 मार्च से पहले अस्थायी पंजीयन प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राजस्थान अधीनस्थ तथा मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड को अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं की अभ्यर्थिता निरस्त नहीं करने को कहा है।
न्यायाधीश दिनेश मेहता ने ईसीजी तकनीशियन की भर्ती प्रक्रिया मामले में दायर याचिकाओं की सुनवाई के बाद अगली तारीख 15 मई को मुकर्रर की है। याचिकाकर्ताओं की ओर से यशपाल खिलेरी और मनोज भंडारी ने कोर्ट में कहा कि याचिकाकर्ताओं ने महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, मेघालय से दो साल का ईसीजी तकनीशियन कोर्स करने के बाद राजस्थान पैरामेडिकल कौंसिल में पंजीयन के लिए अपना आवेदन पेश किया, लेकिन कौंसिल ने यह कहते हुए पंजीयन से मना कर दिया कि महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, मेघालय ने ऐसा कोई भी दस्तावेज पेश नहीं किया जिससे जाहिर हो सके कि उसे मेघालय सरकार ने कोर्स चलाने की अनुमति दी है। याचिकाओं में कहा गया कि विश्वविद्यालय का गठन अधिनियम 2010 के तहत हुआ था। राजस्थान पैरामेडिकल कौंसिल का गठन 2014 में हुआ है और इसके विनियमों के तहत भी याची पंजीयन के पात्र हैं। कर्मचारी चयन बोर्ड ने ईसीजी तकनीशियन पद भर्ती के लिए कौंसिल का पंजीयन प्रमाण पत्र आवश्यक किया है।
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