प्राथमिक शिक्षा मायड़ भाषा में व्हेणी चाहिजै

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. जेएनवीयू छात्र सेवा मण्डल की ओर से ’राजस्थानी सांस्कृतिक सप्ताह’ के तहत तीसरे दिन बुधवार को पुराना परिसर स्थित छात्र सेवा मण्डल कार्यालय में राजस्थानी वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. मीनाक्षी बोराणा ने बताया कि राजस्थानी भाषा अपने आप में एक अलग पहचान लिए गए हैं। प्राथमिक स्तर पर शिक्षा का माध्यम मातृ भाषा होने से बालकों का मानसिक विकास भलीभांति होता है। इससे शिक्षा व शिक्षण संस्थाओं के प्रति जो भय होता है वह खत्म हो जाता है। प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में ’प्राथमिक शिक्षा मायड़ भाषा में व्हेणी चाहिजै’ ही रखा गया।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. हितेन्द्र गोयल और डॉ. गोविन्द सिंह ने बताया की प्रतियोगिता में मातृ भाषा के गौरवशाली परम्परा उसका इतिहास संस्कृति आदि के विषय में विद्यार्थीयों ने विषय के पक्ष व विपक्ष में अपनी-अपनी बात रखी। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित किया जाएगा।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3qh2J8d
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment