फोर्थ स्टेट और रियल स्टेट में फर्क कम रह गया है

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. राज्य सूचना आयुक्त नारायण बारेठ ने मीडिया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस नई सदी के 21 वें साल में आते-आते बहुत सारे मुल्कों में लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ (फोर्थ स्टेट) और रियल स्टेट के मध्य अब अंतर कम रह गया है। जिनके पास फोर्थ स्टेट है वह अपनी एक भुजा रियल स्टेट में रखना चाहते हैं और जिनके पास रियल स्टेट है वे फोर्थ स्टेट की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।

बारेठ रविवार को यहां जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के केन्द्रीय कार्यालय स्थित बृहस्पति भवन में लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका विषयक व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। बारेठ ने कहा कि पत्रकार का सवाल जितना गहरा होगा, जवाब भी उतना ही गहरा आएगा। पत्रकारों को सवाल पूछने चाहिए। मुख्य अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश डॉ. पीएस भाटी ने मीडिया को एक शक्ति के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि संविधान में आम आदमी को अभिव्यक्ति की जितनी स्वतंत्रता दी गई है, उतनी मीडिया को भी है। समारोह अध्यक्ष विवि के कुलपति प्रो. प्रवीण चन्द्र त्रिवदी, विशिष्ट अतिथि राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी में निदेशक डॉ. बीएल सैनी, विवि हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. नरेन्द्र मिश्र होंगे, विवि के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागध्यक्ष डॉ महीपाल सिंह राठौड़ और संयोजक डॉ. हरीदास व्यास ने भी विचार रखे।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3vLhbtk
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment