अभिषेक बिस्सा
जोधपुर. साल 2020 में प्रदेश में सवा सौ दवाइयों के सैंपल फेल हो गए। ये दवाइयां गैस्टिक समस्या, दर्द, बुखार, एंटीबायोटिक, डायबिटीज, पेट में इंफेक्शन, हृदय रोग, ताकत, ब्लड प्रेशर, पेट में कीड़े मारने सहित विभिन्न प्रकार की दवाइयां थीं। मजे की बात ये भी हैं कि पूरे प्रदेश में ड्रग टेस्टिंग लेबोरेट्री एक होने के कारण साल 2019 व 2020 की दवाइयां भी इसी साल अमानक घोषित की गई। इस बीच जांच रिपोर्ट आने से पहले कइयों ने अमानक दवाइयां गटक ली।
बीते साल लॉकडाउन में तो सैंपल ही नहीं लिए गए
बीते साल अप्रेल से जून तक औषधि विभाग ने दवाइयों के सैंपल तक नहीं भरे। कोरोना के कारण लॉकडाउन था। प्रदेश में करीब 100 औषधि नियंत्रण अधिकारियों के पद हैं और हरेक औषधि नियंत्रण अधिकारी को हर माह 6 सैंपल अनिवार्य रूप से दवाइयों के लेने होते हैं। इस हिसाब से 72 सौ सैंपल हर वर्ष दवाइयों के भरे जाते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण औषधि विभाग जयपुर में गत वर्ष 72 सौ से कम सैंपल जांच के लिए पहुंचे।
ये दवाइयां निकली जांच में अमानक
बीते साल पेट में कीड़े मारने की बच्चों की दवा एल्बेंडाजाल के 17 सैंपल अमानक निकली। जिसमें आधा दर्जन से अधिक सैंपल जोधपुर से लिए गए थे। दर्द की 11, बुखार की पॅराशिटामॉल 14, एंटीबायोटिक की 11, पेट में इंफेक्शन की 11, हार्ट की दवा क्लोपिटेब व खून पतला करने की एस्प्रिन 15, ताकत व हड्डियां मजबूत करने की 12, फोलिक एसिड सहित अन्य ताकत की 9, गैस्टिक समस्या की 9, नींद की गोली 3, एंटी एलर्जिक व ब्लड प्रेशर की 1 गोली अमानक निकली। वहीं डायबिटीज की विडाग्लिपटिन 2 अमानक निकली हैं। इसके अलावा अन्य प्रकार की ड्रग एक्ट में आने वाली दवाइयां अमानक निकली।
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