जोधपुर. जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में शुक्रवार को आनंदम पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण एवं आमुखिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सभी विभागों और संकायों के शिक्षकों ने भाग लिया और आनंदम के उद्देश्यों को समझा। साथ ही इसे कार्यान्वित करने की पद्धति को सीखा।
कार्यक्रमक में प्राणी शास्त्र विभागाध्यक्ष व आनंदम पाठ्यक्रम कोर कमेटी समन्वयक प्रो. विमला शेरॉन ने कहा कि आनंद जीवन की उर्जा है। हम जीवन कमाते नहीं हैं, इसे परमात्मा के उपहार के रूप में प्राप्त करते हैं इसलिए हममें कृतज्ञता का भाव होना चाहिए। समाज में चारों और अलगाव और बिखराव बढ़ रहा है। ऐसे में सब अपने अपने तक सीमित हो रहे हैं। चुनौतीपूर्ण दौर में युवाओं में कुछ देने का भाव जागृत करने तथा उन्हें अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित और संस्कारित करने के लिए ही आनंदम पाठ्यक्रम की रचना की गई है।
प्रबंधन विभाग की डॉ नीलम कल्ला, विवि में रूसा के नोडल अधिकारी प्रो. प्रवीण गहलोत, मनोविज्ञान विभाग की डॉ हेमलता जोशी और अंग्रेजी विभाग के डॉ हितेंद्र गोयल ने भी विचार रखे।
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