जोधपुर. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) के सहायक महानिदेशक (सीड) डॉ डीके यादव और पूर्व निदेशक डॉ आरके चौधरी ने शनिवार को काजरी के शोध क्षेत्रों का भ्रमण किया। डॉ यादव ने कहा कि उत्पादन बढाने में उत्तम बीजों का वृहद योगदान है। काजरी में रबी एवं खरीफ की विभिन्न फ सलों के उन्नत गुणवत्तायुक्त बीजों का बीजोत्पादन हो रहा है। उन्होंनें संस्थान में बीजघर में बीजों के प्रसंस्करण, ग्रेडिंग सिस्टम और भण्डार इकाई का अवलोकन किया। संस्थान के शोध कार्यो एवं रबी की विभिन्न फ सलों के जीवन्त प्रर्दशन देखा। काजरी द्वारा शुष्क क्षेत्र में कृषि के विकास के लिए किए जा रहे अनुसंधान शोध उपलब्धियों की सराहना की।
आईआईएसआर के पूर्व निदेशक डॉ चौधरी ने कहा कि संस्थान द्वारा रेगिस्तान के शुष्क क्षेत्रों में खेती के लिए जो कार्य किये जा रहे है खेतों में देखने से ही लगता है कि उत्कृष्ट कार्य किये जा रहे है । उन्होंनें कहा कि सौर उर्जा के विभिन्न यंत्रों एवं तकनीकियों से कृषि के क्षेत्र में काफ ी फ ायदा होगा। काजरी निदेशक डॉ ओपी यादव ने संस्थान की गतिविधियों एवं उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।
विभागाध्यक्ष डॉ दिलिप जैन ने सौर उर्जा, डॉ प्रतिभा तिवारी ने विस्तार गतिविधियां, डॉ सीबी पाण्डे ने प्राकृतिक संसाधन प्रबन्धन, डॉ एनवी पाटिल ने पशु प्रबन्धन, प्रधान वैज्ञानिक डॉ अंजली पंचोली, डॉ आरके कांकाणी, डॉ राजन्त कौर कालिया, डॉ एचआर महला, डॉ डीवी सिंह, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ आरएन कुमावत, डॉ एमपी राजोरा, डॉ पीआर मेघवाल, डॉ एके पटेल, डॉ आरके गोयल, डॉ सुरेन्द्र पुनिया, डॉ अकथ सिंह ने भी शोध क्षेत्रों में जानकारी दी।
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