जोधपुर. शहर में वायु प्रदूषण रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 31 करोड़ और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 10 करोड़ की वित्तीय सहायता दी है। इससे जन जागरूकता अभियान चलाने के साथ शहर में एयर क्वालिटी सर्वेक्षण स्टेशन की संख्या बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में केवल कलक्ट्रेट परिसर स्थित केवल एक स्टेशन ही कार्यरत है। जिला प्रशासन एक डस्ट फ्री मॉडल रोड बनाएगा, जहां लोगों को शुद्ध वायु मिल सकेगी। साथ ही इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम विकसित कर न्यूनतम समय में वायु प्रदूषण से निपटने का प्रयास होगा। सीएनडी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट लगाने और सडक़ किनारे वर्टिकल गार्डन लगाने की कवायद की जाएगी। जोधपुर आए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के संयुक्त शासन सचिव नरेश पाल गंगवार ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए जन भागीदारी महत्वपूर्ण रहेगी, जिससे जोधपुर को मॉडल सिटी बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन 41 करोड़ बजट का समुचित उपयोग कर वायु की गुणवत्ता बेहतर बना सकता है। अतिरिक्त वित्तीय संसाधन की जरूरत पडऩे पर प्रस्ताव भेजा जाता है तो केंद्र सरकार उसको भी पूरा करेगी।
गंगवार ने कहा कि नगर निगम, जेडीए आदि प्राधिकरण की वायु प्रदूषण रोकथाम में बड़ी भूमिका है। पुराने भवनों को तोडऩे और नए निर्माण के समय डस्ट प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। बैठक में कलक्टर इंद्रजीत सिंह ने कहा कि शहर में एक मॉडल रोड बनाने का प्रयास किया जा रहा है जहां डस्ट फ्री और वायु गुणवत्ता बेहतर होगी। गंगवार ने बैठक में नगर निगम, जेडीए, पुलिस सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा की।
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