जोधपुर। जल जीवन मिशन के प्रोजेक्ट या गांव में नल कनेक्शन संबंधित प्राथमिकता तय करने, प्रोजेक्ट में सांसदों की तरफ से दिए गए सुझाव को शामिल करने से लेकर भूमि पूजन या उद्घाटन में राज्य सरकार सांसदों की अनदेखी नहीं कर सकेगी। केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने प्रोटोकॉल के तहत जिला स्तर की योजनाओं की समिति की बैठक से लेकर अन्य स्तर पर सांसदों को तवज्जो देने वाली अधिसूचना जारी कर राज्य के मुख्य सचिवों को भेजी है।
जोधपुर के सांसद केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने गुरुवार को संसद में महाराष्ट्र के नन्दूरबार से सांसद डॉक्टर हीना वी. गवित के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय योजना बनाते समय सांसदों से आवश्यक रूप से सहमति ली जाए। जब जिला स्तर योजना बनकर तैयार हो तो उसकी कॉपी सांसदों को भेजी जाए। 15 दिन में सांसद जो सुझाव देते हैं, उसे शामिल करें। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन की किसी भी स्कीम का भूमि पूजन या शुभारंभ सांसदों की उपस्थिति में ही होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिला की समिति दिशा की बैठकों में भी सांसद समीक्षा कर सकेंगे। सांसदों का पूरी भागीदारी उसमें रहे, इसकी व्यवस्था की गई है।
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