जोधपुर. जोधपुर में कोरोना संक्रमण की गति इस कदर मंद पड़ी है कि जहां गत नवंबर माह में एक दिन में १ हजार रोगी तक सामने आ रहे थे तो वहीं अब पूरे एक माह में १ हजार का आंकड़ा कोरोना नहीं छू पाया। हालांकि महामारी की दृष्टि से सुखद संकेत है, लेकिन उसके बावजूद विशेषज्ञ चिकित्सक अभी तक सभी को सावचेत रहने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि वैक्सीन लगाने के बावजूद भी सारे प्रोटोकॉल की पालना करना जरूरी है।
सर्वाधिक सितंबर और नवंबर में रहा कहर
कोरोना का कहर जोधपुर में सर्वाधिक सितंबर माह और नवंबर माह में रहा। सितंबर में एक दिन में पांच सौ रोगी आए तो नवंबर में १ हजार तक प्रतिदिन कोरोना ने आंकड़ा छुआ। इन भयावह हालातों के चलते जोधपुर में साप्ताहिक व नाइट कफ्र्यू लगाने तक के हालात बने। वहीं जनवरी माह में एक दिन में कभी कोरोना के ५ रोगी भी मिले। जनवरी माह के ३० दिन में जोधपुर में ९५७ रोगी संक्रमित आए और १८ की मौत हो गई। औसतन प्रतिदिन ३२ रोगी इस माह सामने आए है। हालांकि जनवरी में कई बार कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा सिंगल डिजीट में भी सिमटा।
गत माह दिसंबर में आए थे 4399 रोगी संक्रमित
गत साल के अंतिम माह दिसंबर में ४३९९ रोगी संक्रमित आए थे। गत माह की तुलना में जनवरी के ३० दिन में ३४४२ रोगी कम आए है। बीते माह १०३ रोगियों ने दम तोड़ा था।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/39GGpAd
0 comments:
Post a Comment