जोधपुर। प्रदेश में बुधवार को घोषित राज्य बजट में मुख्यमंत्री ने हर क्षेत्र में कई घोषणाएं की है, लेकिन जोधपुर में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर किसी प्रकार की घोषणा नहीं होने से खेलप्रेमियों में निराशा है। दो वर्ष पूर्व बजट से पूर्व राज्य सरकार ने प्रदेश के एकमात्र सरकारी फिजीकल कॉलेज में खेल एवं शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय स्थापित करने की संभावनाओं, संसाधनों व सुविधाओं से संबंधित प्रस्ताव मांगे थे। इस संबंध में तीन सदस्यीय कमेटी ने ग्वालियर की लक्ष्मीबाई राष्ट्रय शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर, संसाधनों व उपलब्ध सुविधाओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट कलक्टर को पेश भी कर दी थी। इसके बाद भी बजट में खेल विवि की घोषणा नहीं हुई। इस बार भी बजट में झोली खाली रही और जोधपुर को खेल विश्वविद्यालय की सौगात नहीं मिल पाई।
फिजीकल कॉलेज विद्यार्थियों का कहना है कि अगर बजट में जोधपुर में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा हो जाती है तो खेलों के क्षेत्र में यह पूरे प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होती।
300 विद्यार्थी ले रहे प्रशिक्षण
वर्ष1999-2000 से पहले इस कॉलेज में सीपीएड व डीपीएड कोर्स करवाया जाता था। वर्ष 1999-2000 में दोनों कोर्स बंद कर दिए गए, जो 1 वर्षीय पाठ्यक्रम थे। वर्ष 2000 से बीपीएड पाठ्यक्रम शुरू किया गया और 3 वर्ष पूर्व बीपीएड कोर्स शुरू किया गया। वर्तमान में यह दोनों कोर्स द्विवर्षीय चल रहे हैं। वर्तमान में, कॉलेज में करीब 300 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण ले रहे है।
विश्वविद्यालय स्थापना के मजबूत पक्ष
- प्रदेश का एकमात्र सरकारी फिजीकल कॉलेज
- साढ़े बासठ बीघा जमीन में फैला परिसर
- पूर्ण शैक्षणिक वातावरण
- सभी पाठ्यक्रम संचालित हो रहे है
- विश्वविद्यालय के प्राथमिक स्तर पर सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध
- बालक-बालिका हॉस्टल सुविधा उपलब्ध
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3dQf2WO
0 comments:
Post a Comment