जोधपुर. काजरी में वर्षा पानी का संग्रहण एवं जल का दक्षतापूर्वक उपयोग कर कम पानी में पनपने वाली फ सलों को प्रोत्साहन विषय पर मंगलवार को किसान गोष्ठी आयोजित की गई।
मुख्य अतिथि कृषि विश्वविद्यालय कोटा के पूर्व कुलपति प्रो जेडएस सोलंकी ने कहा कि जलवायु एवं क्षेत्र के अनुसार फ सल का चयन करना चाहिए। वही फ सलें ले जो कम पानी व कम खर्च में अधिक उत्पादन दें। यहां पानी बहुमूल्य है इसलिए बून्द-बून्द एवं फव्वारा सिंचाई प्रणाली का प्रयोग करना चाहिए। महिलाए कृषक समूह बनाकर काम करें। कृषि उत्पाद बनाए ताकि आमदनी में वद्धि हो।
विशिष्ठ अतिथि अटारी के निदेशक डॉ एसके सिंह ने कहा कि किसान यदि श्रमशक्ति, सामग्री, मशीनरी, मुद्रा, प्रबन्धन व बाजार की अवधारणा को ध्यान में रखकर काम करेंगें तो लाभ भी दुगना होगा। काजरी निदेशक डॉ ओपी यादव ने कहा कि देश के किसानों ने कड़ी मेहनत कर तकनीकियों को अपना कर कोविड जैसी चुनौतिपूर्ण परिस्थितियों में रिकार्ड उत्पादन किया है। विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ प्रतिभा तिवारी, पंचायत समिति ओसिया प्रधान ज्योति ज्यानी, गांव जाट्टी भाण्डु के सरंपच ओम प्रकाश ने भी विचार रखे। विभागाध्यक्ष डॉ प्रवीण कुमार ने प्रर्दशनी के माध्यम से संस्थान की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।
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