जोधपुर. जेडीए कार्यालय के पास दिलीप सिंह कॉलोनी निवासी 85 वर्षीय समाजसेवी उमरावमल सुराणा का शनिवार को निधन हो गया। उनके पुत्र प्रवीण सुराणा व नवीन सुराणा ने देहदान काउंसलर मनोज मेहता से संपर्क कर देहदान की संपूर्ण प्रक्रिया को समझा तथा उन्हीं के मार्गदर्शन में एम्स में देहदान करवाया।
देहदानी के पुत्र प्रवीण सुराणा ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर से सेवानिवृत्त अधीक्षक व कई सामाजिक धार्मिक संस्थाओं से जुड़े उमरावल सुराणा ने करीब 10 वर्ष पूर्व ही देहदान की घोषणा कर दी थी। उन्होंने अपनी पत्नी ललिता सुराणा का भी गत 20 मार्च 2018 को निधन होने पर एम्स में देहदान किया था। अपनी देहदान की कार्रवाई को भी अपने जीवन काल में ही पूरी कर दी थी। पिताजी का मत था कि मेडिकल छात्रों को मानव देह पर पढ़ाई करने को मिलती है तो मेडिकल शिक्षा का स्तर स्वत: ही ऊंचा होगा। एम्स में एनाटॉमी के अतिरिक्त आचार्य डॉ आशीष नय्यर ने बताया कि यह अब तक की 132वीं तथा इस वर्ष की पांचवी देहदान है। सह आचार्य डॉक्टर सोनाली अडोले ने देहदान प्रमाण पत्र जारी किया।
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